डिस्ट्रिक्ट बार एसोसिएशन का शपथ ग्रहण समारोह शनिवार को तहसील परिसर में संपन्न हुआ। एसोसिएशन की नवनिर्वाचित कार्यकारिणी के पदाधिकारियों को पद एवं गोपनीयता की शपथ राज्य विधिज्ञ परिषद के सदस्य हाईकोर्ट के अधिवक्ता पीआर मौर्य ने दिलाई।
इस दौरान उन्होंने कहा कि न्याय एवं निर्णय में अधिवक्ताओं एवं न्यायाधीशों-मजिस्ट्रेट को मानवीय दृष्टिकोण अपनाना चाहिए। अधिवक्ता एवं अदालतें अगर सिर्फ किताबों तक सीमित रहकर न्याय देंगी तो निर्धन और अनपढ़ जटिल कानून प्रक्रियाओं में उलझकर न्याय से वंचित रह जाएगा।
उन्होंने कहा कि अधिवक्ताओं को न्याय पालिका के सामने संपूर्ण साक्ष्य के साथ ड्राफ्टिंग करके सरलता से अपनी बात रखनी चाहिए। न्याय पालिका की भूमिका वर्तमान दौर में बहुत ही अहम हो गई है क्योंकि कार्यपालिका एवं व्यवस्थापिका निरंकुश हो चुकी है। लोगों की अपेक्षाएं न्याय पालिका से बढ़ गई है।
जनता के इस विश्वास को बनाए रखने की जरूरत है और उन्हें सुलभ न्याय दिलाने के लिए हम अधिवक्ताओं को कटिबद्ध रहना होगा। जनपद एवं सत्र न्यायाधीश धर्मवीर सिंह ने कहा कि हमारे देश में कानून का राज चलता है।
अधिवक्ता प्रथम श्रेणी का बुद्धिजीवी है और इसी के उपर समाज को सही दिशा दिखाने की जिम्मेदारी है। न्यायिक गरिमा बनाए रखना अधिवक्ताओं एवं बेंच दोनों की बराबर की जिम्मेदारी है।
हमेशा अपनी सोच केे सकारात्मक रखना चाहिए। नवनिर्वाचित अध्यक्ष सुधाकर मिश्रा ने कहा कि जरूरतमंद तक न्याय पहुंचाना ही हमारी पहली प्राथमिकता होगी। अधिवक्ता हमेशा बेंच का सहयोग किए हैं। परंतु बेंच को भी अधिवक्ताओं का सहयोग करना होगा।
हम अधिवक्ता मुकदमों का शीघ्र निस्तारण करा अदालत का भार कम करते हुए वादकारियों को सुलभ एवं सस्ती न्याय दिलाने के लिए सदैंव तत्पर हैं। शपथ ग्रहण समारोह को एडीएम रामचंद्र, अधिवक्ता मनोज पांडेय और विकास शाक्य ने भी संबोधित किया।
न्याय पालिका की ओर से अपर सत्र न्यायाधीश प्रथम, द्वितीय, फास्ट ट्रैक कोर्ट न्यायाधीश, सीजेएम, जेए ने नई कार्यकारिणी को बधाई दी। समारोह में उच्च न्यायालय से आए अधिवक्ता मदन लाल श्रीवास्तव, बिंदु राव, अरविंद कुशवाहा, देवेश विक्रम शामिल रहे।
पूर्व महामंत्री अशोक पाठक ने नई कार्यकारिणी एवं पदाधिकारियों को जिम्मेदारी सौंपी। अध्यक्षता वेंकटेश्वर भारती और संचालन रामजनम सिंह कुुशवाहा ने किया।