सोनांचल में सर्दी का सितम शुक्रवार को भी जारी रहा। राबट्सगंज कोतवाली क्षेत्र के अलग-अलग दो गांवों में गुरुवार को ठंड लगने से निगरानी समिति के एक सदस्य समेत दो लोगों की मौत हो गई। हालांकि घरवालों ने बगैर पुलिस को सूचना दिए दोनेां शवों का दाह संस्कार कर दिया। उधर अनपरा के बाजार में एक युवक की ठंड से मौत हो गई।
गुरुवार की भोर करीब चार बजे गोरडीहा गांव में ओडीएफ की निगरानी समिति के सदस्य भ्रमण कर रहे थे। उसी वक्त एक सदस्य विफन (60) को ठंड लग गई लोगों का कहना है कि पेट में दर्द के साथ उसे उल्टी होने लगी। साथ में मौजूद सदस्यों ने उसे घर पहुंचाया। घरेलू उपचार करने के बाद भी उसकी हालत में कोई सुधार नहीं हुआ और शाम करीब साढ़े पांच बजे उसकी मौत हो गई। मधपुर संवाददाता के अनुसार सुकृत पुलिस चौकी क्षेत्र के बट गांव में शाम करीब साढ़े सात बजे ठंड लगने से बाबूलाल (45) के पेट में दर्द शुरू हो गया। इसकी जानकारी होने पर घरवाले उन्हें पीएचसी मधुपुर ले गए। यहां प्राथमिक उपचार करने के बाद डॉक्टर ने उसे जिल अस्पताल रेफर कर दिया। हालंकि रास्ते में ही उसने दम तोड़ दिया। शुक्रवार को दोनों शवों का दाह संस्कार कर दिया गया। वहीं डीपीआरओ एमपी दूबे ने कहा कि प्रधान से वार्ता करने पर पता चला है कि विफन निगरानी टीम का सदस्य नहीं था। बावजूद इसके डीएम से वार्ता कर मृतक के आश्रितों का जो मदद हो सकेगी किया जाएगा।
उधर सदर तहसीलदार नंदलाल सिंह ने कहा कि ठंड लगने से दोनों की मौत हुई है या नहीं इसका पता पोस्टमार्टम होने पर चलता। लेकिन घरवालों ने पीएम ही नहीं कराया। कहा कि पीएम रिपोर्ट में अगर ठंड लगने से बिभसी की मौत होने की पुष्टि होती है तो मृतक के आश्रितों को शासन/जिला प्रशासन से सहायता दिलाने की कार्रवाई की जाती है। कड़ाके की ठंड को देखते हुए गरीबों को कंबल वितरित किया जा रहा है।
उधर, अनपरा थाना क्षेत्र के अनपरा बाजार मोड़ के पास दो साल से रह रहे राजू 40 वर्ष की ठंड के चलते शुक्रवार को मौत हो गई। रहवासियों के मुताबिक राजू की दिमागी स्थिति बहुत अच्छी नहीं थी। दो साल पूर्व वह कहीं से भटककर आया था और तब से वह यहीं रह रहा था। गुरुवार की शाम उसे ठंड लग गई। उपचार के लिए उसे नजदीकी चिकित्सक के यहां ले जाया गया। जहां दवा देकर वापस भेज दिया गया लेकिन हालत में सुधार नहीं हुआ और शुक्रवार की सुबह उसकी मौत हो गई।