Medical studies will also be done from Indian Institute of Technology
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जिला अस्पताल में अल्ट्रासाउंड कराना बेहद कठिन है। यदि किसी मरीज को पेट दर्द आज होगा तो उसे अल्ट्रासाउंड के लिए एक माह इंतजार करना होगा। वजह कि अस्पताल में महज एक रेडियोलाजिस्ट हैं।
30 सितंबर से लेकर सात नवंबर तक की अल्ट्रासाउंड की एडवांस बुकिंग हो चुकी है। इस बीच में करीब 557 अल्ट्रासाउंड पेंडिंग हैं। हालांकि सीएमएस डा. गणेश प्रसाद का कहना है कि इमरजेंसी में अल्ट्रासाउंड की व्यवस्था है।
कहने को यहां पीएचसी, सीएचसी, ट्रामा सेंटर, कार्डियोलाजी सेंटर, सौ बेड का महिला अस्पताल समेत तमाम सुविधाएं हो रही हैं, लेकिन बुनियादी जरूरतें अब भी पूरी नहीं हो रहीं। जिले में महज जिला अस्पताल में ही अल्ट्रासाउंड की व्यवस्था है। यदि यहां यह सुविधा नहीं मिली तो मरीजों को प्राइवेट सेंटरों का सहारा लेना पड़ता है।
इस तरह अभी से ही नवंबर की डेट भी भरी जा रही है। ऐसे में किस हद तक दूरदराज से जिला अस्पताल में अल्ट्रासाउंड के लिए पहुंचने वाले मरीज परेशान होते होंगे इसका अंदाजा लगाया जा सकता है। उधर सीएमएस डा. गणेश प्रसाद का कहना है कि इमरजेंसी मरीजों के तत्काल अल्ट्रासाउंड की व्यवस्था है।