चोपन नगर पंचायत के जरिए कराए गए विकास कार्यों में अनियमितता एवं भ्रष्टाचार के मामले में इलाहाबाद हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस डीबी भोसले एवं न्यायमूर्ति यशवंत वर्मा की पीठ ने उत्तर प्रदेश सरकार के चीफ सेक्रेटरी को विधिक कार्रवाई का आदेश दिया है। कोर्ट ने यह आदेश तीन अगस्त को चोपन निवासी उमेश कुमार बिंद की ओर से एडवोकेट हाईकोर्ट प्रदीप वर्मा के जरिए दाखिल रिट पर सुनवाई के दौरान दिया।
हाईकोर्ट में दाखिल रिट में चोपन नगर पंचायत अध्यक्ष इम्तियाज अहमद पर अधिशासी अधिकारी अरविंद कुमार के साथ मिलकर ग्राम सभा की भूमि पर अवैध कब्जा कर मकान बनाए जाने का आरोप है। इसके अलावा सूचना के अधिकार के तहत अधिशासी अधिकारी की ओर से दी गई सूचना में एक ही कार्य को दो बार दिखाकर सरकारी धन का दुरुपयोग किया जाना है।
इसका सहज ही अंदाजा वर्ष 2012-13 और 2013-14 में कराए गए कार्य वार्ड नंबर पांच में मारकंडेय के घर से श्यामलाल के घर तक नाली निर्माण का आंशिक भुगतान रु. 233495 (दो बार) से बखूबी लगाया जा सकता है।
इसी प्रकार से घटिया नाली निर्माण, इंटर लाकिंग सड़क, सीसी रोड, नाली की सफाई, पुलिया निर्माण, ओवर हेड टैंक निर्माण, स्ट्रीट लाइट, एलइडी लाइट, हाई मास्ट लाइट की खरीददारी में अनियमितता। अधिशासी अधिकारी 40 प्रतिशत कमीशन लेकर कार्य की गुणवत्ता की अनदेखी कर सभी बिलों का भुगतान करने के साथ ही पार्किंग वसूली में धांधली का आरोप है। इसकी शिकायत लोक आयुक्त से भी की गई, लेकिन तीन माह बाद परिवाद को खारिज कर दिया गया।
मामले की सुनवाई के दौरान अदालत ने मामले का निस्तारण करते हुए उपरोक्त आदेश पारित किया है। आदेश के अनुपालन के लिए मंगलवार को चीफ सेक्रेटरी को उमेश कुमार बिंद ने रजिस्टर्ड डाक से आदेश की मूल सत्यापित प्रति भेज दिया।