विजयगढ़ दुर्ग के ऊपरी तल में खंडहर में तब्दील हो चले भवनों की तस्वीर। अमर उजाला
जिले में पर्यटन की दृष्टि से महत्वपूर्ण स्थलों की तस्वीर संवारने की पहल तेज हो गई है। रेणुकूट वन प्रभाग क्षेत्र के आमी में नौका िवहार और अनपरा से सटे बेलवादह में वाटर रेस्टोरेंट की योजना को पीपीपी माडल से मूर्तरूप देने को लेकर चल रही कवायद में जहां तेजी आ गई है, वहीं कोन अंचल के प्रसिद्ध अमिला धाम के सौंदर्यीकरण के लिए शासन स्तर से 1.65 करोड़ का प्रस्ताव मंजूर हो गया है।
इस धन से यहां मंदिर के सौंदर्यीकरण के साथ ही सीढ़ियों तथा आसपास की जगह संवारी जाएगी। कैमूर पहाड़ी शृंखला स्थित इस देवी धाम पर हर रोज सैकड़ों लोगों का आना-जाना होता है। नवरात्र में यहां जिले के साथ झारखंड, बिहार और छत्तीसगढ़ से श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ती है। यहां देवी को रोजाना बकरे की बलि चढ़ाई जाती है। इस स्थल को मां के तांत्रिक स्वरूप और भगवान अवधूत राम की शिष्या के स्थल की मान्यता प्राप्त है। इसी तरह प्राकृतिक सुषमा से भरपूर रेणुकूट वन प्रभाग परिक्षेत्र के आमी में वाटर रिसोर्ट पार्क विकसित करने की योजना बनाई गई है।
पर्यटन विभाग के पत्र के क्रम में वन प्रभाग की ओर से इसको लेकर प्रस्ताव जिला प्रशासन को उपलब्ध करा दिया गया है। इसी तरह बेलवादह के पास रिहंद डैम में उत्तर भारत के पहले वाटर रेस्टारेंट को भी अमली जामा पहनाने के लिए प्रस्ताव तैयार कर लिया गया है। कानपुर के किसी कंपनी के जरिए यहां के प्रस्ताव को मूर्तरूप देने की तैयारी बताई जा रही है।