जिला पंचायत के बैरियर का ठेका आवंटित करने के लिए सोमवार को चार टेंडर फार्म बिके। कर्मचारियों ने ठेेकेदारों से कागजात जमा कराने के बाद उन्हें फार्म तत्काल देने से मना किया तो वे आगबबूला हो गए। हंगामा करते हुए ठेकेदार और उनके समर्थकों ने तत्काल फार्म न मिलने पर धरना देने की धमकी देने लगे।
ठेकेदारों कहना था कि एमएमए और जिला पंचायत अध्यक्ष अपने चेहेते ठेकेदारों को ठेका देने के लिए नई साजिश कर रही है। हालांकि मौके पर पहुंचे सदर एसडीएम हर्षदेव पांडेय ने फार्म दिलवा कर शांत कराया। सुरक्षा व्यवस्था में कई थानों की फोर्स मौजूद रही।
सुबह दस बजे से जिला पंचायत में इंजीनियर रामश्रय प्रसाद की देखरेख में टेंडर फार्म की बिक्री शुरू हुई। दोपहर 12 बजे तक चार ठेकेदारों ने फार्म के लिए आवेदन किया। कागजात लेने के बाद संबंधित कर्मचारियों ने ठेकेदारों से बोला कि उन्हें चार बजे फार्म मिलेगा। इतना सुनते ही ठेकेदार आक्रोशित हो उठे।
ठेकेदारों का कहना था कि नया नियम नही चलेगा, फार्म तत्काल दिया जाए। इसी बीच भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष धर्मवीर तिवारी भी मौके पर पहुंच गए, जिससे मामला गरम गया। धर्मवीर तिवारी ने कहा कि पूर्व की तरह अपर मुख्य अधिकारी और जिला पंचायत अध्यक्ष अपने चहेते ठेकेदार को ठेका देने की फिराक में ऐसा कर रहीं हंै।
लेकिन ऐसा होने नहीं दिया जाएगा। इस दौरान धर्मवीर तिवारी ने मोबाइल के जरिए एडीएम मनीलाल यादव को हकीकत से अवगत कराया। सदर कोतवाल कपिल देव यादव ने ठेकेदारोें को समझा बुझा कर शांत कराने का प्रयास किया, लेकिन वे नही मानें। एडीएम के निर्देश पर उपजिलाधिकारी हर्ष देव पांडेय ने मौके पर पहुंच कर ठेकेदारों सेवार्ता की। एडीएम ने फार्म दिलवा कर मामला शांत कराया। उधर इंजीनियर रामश्रय प्रसाद ने बताया कि चार फार्म बिके हैं।
उन्होंने बताया कि फार्म बिक्री का समय एक दिन बढ़ गया है, इसलिए मंगलवार को भी फार्म की बिक्री होगी। बुधवार को टेंडर फार्मा डाला जाएगा। सुरक्षा व्यवस्था में शाहगंज एसओ राजेश यादव, महिला थानाध्यक्ष आशाराम गोयल, सदर चौकी इंचार्ज संतोष यादव, चुर्क चौकी इंचार्ज, चेरूई चौकी इंचार्ज मौजूद रहे। अपर मुख्य अधिकारी आलोक सिंह ने बताया कि ठेकेदारों द्वारा लगाया गया आरोप गलत और निराधार है।