शक्तिनगर। रोजगार के मसले पर रविवार को क्षेत्र के ग्राम प्रधानों के नेतृत्व में कोयला खदान में घुसे ग्रामीण बेरोजगारों ने आउटसोर्सिंग कंपनी का कार्य बाधित कर दिया। काम बंद होने की सूचना से कोल प्रबंधन के अधिकारियों में खलबली मच गई।
क्षेत्र के बेरोजगारों को आउटसोर्सिंग कंपनियों में समायोजित करने के लिए कुछ माह पहले सहमति बनी थी। ग्राम प्रधानों, प्रधान प्रतिनिधियों व ग्रामीण युवाओं का आरोप है कि आश्वासन के बावजूद रोजगार उपलब्ध कराने में कोल व कंपनी प्रबंधन नाकाम रहा।.इसी वादा खिलाफी से युवा बेरोजगारों में रोष व्याप्त है। रविवार को एनसीएल बीना कोयला क्षेत्र में ओबी हटाने के कार्य में लगी निजी कंपनी चेन्नई राधा का कार्य बाधित कर दिया गया। नाराज क्षेत्र के ग्राम प्रधानों ने सोमवार कंपनी परिसर में पहुंच प्रदर्शन करते हुए कार्य बाधित किया और धरने पर बैठ गए। प्रधानों ने ओबी कंपनी प्रबंधन पर मनमानी का आरोप लगाते हुए कहा कई बार आश्वासन के बावजूद क्षेत्र के लोगो को रोजगार नहीं मिल रहा है उन्होंने कहा जब तक रोजगार नहीं मिलेगा धरना प्रदर्शन चलता रहेगा। इस दौरान चंदुआर ग्राम प्रधान योगेंद्र कुमार, घरसड़ी प्रधान प्रतिनिधि ओम नारायण, कोहरौलिया प्रधान प्रतिनिधि चंदन कुमार, बांसी प्रधान प्रतिनिधि अरविंद केशरी, मिसरा प्रधान प्रतिनिधि राम कुमार गुप्ता मौजूद रहे।