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धर्म परिवर्तन न करने पर युवती की नृशंस हत्या विरलतम क्रूरता : कोर्ट

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अभी मिर्जापुर मे जिम संचालन की आड़ में युवतियों को ब्लैकमेल कर उनको धर्म परिवर्तन के लिए विवश करने का मामला सुर्खियों में है। विशेष न्यायाधीश गैंगस्टर कोर्ट अर्चना रानी की अदालत ने भी धर्म परिवर्तन से जुड़े एक मामले में बड़ा फैसला सुनाया है। कोर्ट ने कहा कि धर्म परिवर्तन न करने पर युवती की नृशंस हत्या विरलतम क्रूरता है। कोर्ट ने दोषियों के खिलाफ की गई गैंगस्टर की कार्रवाई को सही ठहराते हुए दस साल की सजा सुनाई। अदालत का यह फैसला भले ही गैंगस्टर के लिहाज से सामान्य हो लेकिन गैंग बनाकर हिंदू किशोरियों-युवतियों को प्रेमजाल में फंसाने और उन्हें धर्म परिवर्तन करने के लिए विवश करने के लिए के मुद्दे पर खासा महत्वपूर्ण है। अभियोजन के अनुसार,
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चोपन थाना क्षेत्र में 21 सितंबर 2020 को युवती का सिर रहित शव मिला था। पुलिस ने डॉग स्क्वॉयड की मदद से दो दिन बाद सिर का हिस्सा बरामद किया। सिर पर बाल-चमड़ा नहीं था। पुलिस की जांच में सामने आया है कि चोपन थाना क्षेत्र के एजाज अहमद उर्फ आशिक ने युवती को प्रेमजाल में फंसा कर उससे नोटेरियल शादी (कचहरी जाकर स्टांप पर शादी की लिखापढ़ी) की। इसके बाद उस पर मुस्लिम बनने के लिए दबाव बनाने लगा। शादी के बाद भी युवती ने हिंदू रीति रिवाज से पूजा-पाठ जारी रखा तो उसने उसे अपने घर रखने से मना कर दिया। तब वह किराए पर कमरा लेकर रहने लगी। उसके मित्र शोएब अख्तर ने भी उस पर धर्म परिवर्तन के लिए दबाव बनाया। जब दोनों उसका धर्म परिवर्तन करा पाने में कामयाब नहीं हुए तो फावड़े से वार कर उसकी गर्दन काट दी। वारदात का पता न चलने पाए इसके लिए दोषियों ने अलग-अलग जगहों पर ले जाकर सिर व धड़ के हिस्से को फेंक दिया। इस मामले में मृतका के परिवार वालों की तहरीर पर हत्या का मामला तो दर्ज किया ही गया था। प्रभारी निरीक्षक नवीन तिवारी ने दोनों पर युवतियों का प्रेमजाल में फंसाकर उन्हें धर्म परिवर्तन के लिए विवश करने का गिरोह चलाने के मामले में गैंगस्टर एक्ट के तहत प्राथमिकी दर्ज कराई थी। हत्या के मामले की सुनवाई कर रही न्यायालय ने पहले ही दोनों दोषियों को आजीवन कारावास की सजा सुना चुकी थी। वहीं गैंगस्टर कोर्ट ने भी सुनवाई के दौरान आए साक्ष्यों के आधार पर माना कि गैंग बनाकर समाज में भय व दहशत पैदा की जा रही थी। इस मामले में कोर्ट ने अधिकतम 10 साल की सजा भी सुनाई।
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