चुर्क। रॉबर्ट्सगंज कोतवाली क्षेत्र के सिल्थरी गांव में बृहस्पतिवार को सोन नहर बैराज में युवक का शव मिला। उसके चेहरे पर चोट के निशान थे। एक सप्ताह पहले ही युवक का गांव के कुछ लोगों से विवाद हुआ था। हत्या का आरोप लगाते हुए परिजनों ने हंगामा किया। आरोपियों के घर पर हमले की भी कोशिश की। समझाने पहुंचे कुछ पुलिसकर्मियों को भी गुस्से का शिकार होना पड़ा। बाद में एसडीएम, एएसपी सहित अन्य अधिकारियों ने उनसे वार्ता कर सख्त कार्रवाई का आश्वासन दिया।
चुर्क के वार्ड नंबर पांच कोल्हुआ निवासी अरविंद चौहान (20) पुत्र छोटेलाल बुधवार की शाम बाजार गया था। इसके बाद वापस नहीं लौटा। इसी बीच बृहस्पतिवार की सुबह पास के सिल्थरी गांव से गुजरी नहर में अरविंद की लाश मिली। उसके चेहरे व सिर में चोट के निशान थे। परिजनों का आरोप है कि 11 जुलाई को अरविंद का गांव के ही कुछ लोगों से नहाने को लेकर विवाद हुआ था। इसी विवाद में उसकी हत्या कर शव को नहर में फेंक दिया गया है। गुस्साए परिजनों ने आरोपियों के घर पर धावा बोलकर खपरैल व अन्य सामानों को क्षतिग्रस्त किया।
एएसपी कालू सिंह, सीओ डॉ. चारु द्विवेदी, कोतवाल सत्येंद्र राय मौके पर पहुंचे। फॉरेंसिक टीम ने घटनास्थल पर पहुंच साक्ष्य जुटाए। पुलिस ने शव को कब्जे में लेने की कोशिश की, लेकिन ग्रामीण पहले हत्यारोपियों की गिरफ्तारी, सख्त कार्रवाई और चौकी प्रभारी के निलंबन की मांग की। दोपहर में पहुंचे एसडीएम सदर राजेश सिंह, एएसपी कालू सिंह सहित अन्य अफसरों ने कड़ी कार्रवाई के लिए आश्वस्त किया, तब करीब छह घंटे बाद पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा।
युवक का पिछले दिनों गांव के कुछ लोगों से विवाद हुआ था। इसी विवाद में हत्या कर शव नहर में फेंकने की आशंका जताई जा रही है। परिजनों से मिली तहरीर पर केस दर्ज कर कार्रवाई की जा रही है। हत्यारोपियों की गिरफ्तारी के लिए टीम गठित कर दी गई है। - कालू सिंह, एएसपी, मुख्यालय।
चार महिलाओं समेत नौ नामजद
पुलिस को दी तहरीर में परिजनों ने सिल्थरी निवासी इमासम शाह, पत्नी वकीलुम, इशाख खान उर्फ फुल्ला, नाजमा, रामजनम, मुन्ना शाह, पिंटू उर्फ इस्माइल और दो अन्य बहुओं को नामअन्य व दो अन्य बहुओं काे आरोपी बनाया है। पुलिस तहरीर के आधार पर आरोपियों की तलाश में जुटी है।
ग्रामीणों ने लगाया पुलिस पर गांजा तस्करी को संरक्षण देने का आरोप
घटनास्थल पर जुटे ग्रामीण चुर्क चौकी पुलिस के रवैए से खफा थे। वह चौकी के कुछ कर्मियों पर गांजा तस्करों को संरक्षण देने का आरोप लगाते रहे। अरविंद की हत्या के पीछे की मूल वजह भी इसे ही बताया जाता रहा। ग्रामीणों के मुताबिक आरोपियों की भूमिका गांजा तस्करी में भी रही है। अरविंद सहित गांव के लोग इसका विरोध करते रहे हैं। इसी बीच 11 जुलाई को नहर में नहाने को लेकर उनका अरविंद से विवाद हो गया। आरोपी पक्ष ने पुलिस के सामने ही अंजाम भुगतने की धमकी दी थी। बावजूद पुलिस ने उन पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं की।
सात माह पहले ही हुई थी शादी
अरविंद चौहान की शादी करीब सात माह पहले ही हुई थी। उसकी हत्या के बाद परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। मां-पत्नी सहित अन्य परिजन शव से लिपट कर बिलखते रहे। आसपास के लोग उन्हें ढांढस बंधाने में जुटे रहे।
सपा-भाजपा के नेताओं ने की कड़ी कार्रवाई की मांग
सपा के राष्ट्रीय सचिव व पूर्व विधायक अविनाश कुशवाहा के नेतृत्व में सपा नेता चुर्क पहुंचे। पीड़ित परिवार से मिलकर घटनाक्रम की जानकारी ली। उन्हें ढांढस बंधाया और आरोपियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की। उधर, भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष डॉ. धर्मवीर तिवारी ने चौकी इंचार्ज को निलंबित करने की मांग की। कहा कि अगर कुछ दिन पूर्व हुई घटना को गंभीरता से लिया गया होता तो यह हत्या न होती। जिपं सदस्य मोहन कुशवाहा ने डीएम को इस मामले में ज्ञापन भी सौंपा।