सोनभद्र। नगर की सड़कों पर रविवार की शाम श्रद्धा और उल्लास का हुजूम था। विद्युत लताओं की सतरंगी छटाओं के बीच जगमगाते पूजा पंडालों की सुंदरता मन मोह रही थी तो कहीं महिषासुर मर्दिनी की नयनाभिराम झांकी श्रद्धालुओं को अपनी ओर खींच रही थी। सड़क से लेकर गलियों और चौराहों तक हर तरफ भक्तों का रेला था। शाम छलने के साथ यह भीड़ बढ़ती ही गई। दर्शन-पूजन के साथ लोग मेलों का भी लुत्फ उठाते रहे। शुक्रवार की रात स्थापित देवी की प्रतिमाओं के कपाट खुलने के बाद से ही दर्शन-पूजन का सिलसिला शुरू हो गया था, लेकिन अष्टमी पर हर कोई मां की झलक पाने के लिए लालायित दिखा। घरों से महिलाओं-बच्चों की टाेली एक-एक पंडाल में पहुंचकर दर्शन कर रही थी। बढ़ौली चौक पर सजे विक्टोरिया पैलेस सरीखे पंडाल में मां के दर्शन के बाद बाहर निकलकर लोग सेल्फी नजर आए तो मेन बाजार में मां आदिशक्ति दुर्गा पूजा पंडाल में महाकाल मंदिर के स्वरूप को देखने के लिए भक्तों की भीड़ थम जा रही थी। उत्तर मोहाल में पंडाल के अंदर मां काली की दिव्य प्रतिमा स्थापित की गई है तो मां शीतला मंदिर के समीप स्थापित मां दुर्गा की प्रतिमा की नयनाभिराम झांकी आकर्षक रही। नगर के आरटीएस क्लब, गुरुद्वारा रोड, पन्नूगंज रोड, धर्मशाला चौक आदि क्षेत्रों के पंडालों में बिजली की सजावट आकर्षक रही। रेणुकूट: हिंडाल्को के आवासीय परिसर में इस बार दिल्ली के प्रसिद्ध अक्षरधाम मंदिर और इस्कॉन मंदिर के मिश्रित आधार वाले पंडाल में मां दुर्गा की 15 फीट की विशालकाय प्रतिमा के साथ भगवान गणेश कार्तिकेय लक्ष्मी एवं सरस्वती जी की प्रतिमा स्थापित किया गया है। हिंडाल्को कारखाने की स्थापना के बाद वर्ष 1962 से बंगाली समाज की संस्था मिताली क्लब दुर्गा पूजा का आयोजन कराता चला आ रहा है। यहां हर वर्ष भारत के प्रसिद्ध मंदिरों की तर्ज पर दुर्गा पंडाल का निर्माण कराया जाता है। मिताली क्लब के सदस्य अर्घ्य सिंह ने बताया कि सितंबर महीने से ही पंडाल बनाने का कार्य शुरू हो चुका थ। इस वर्ष यहां बनने वाला पंडाल दिल्ली के प्रसिद्ध अक्षरधाम मंदिर एवं इस्कॉन मंदिर की मिश्रित कलाकृतियों पर आधारित है। चाचा कॉलोनी, जय मां शेरावाली क्लब आदि के पंडाल में भी भीड़ रही। उधर, अनपरा के रेणुसागर में भी 55 साल से दुर्गा पूजा होती आ रही है। इस बार 45 फीट ऊंचा व 40 फीट लंबा पंडाल बनाकर प्रतिमा स्थापित की गई है। प्रतिवर्ष आयोजक इसे भव्य रूप देते हुए पूजन कर रहे हैं। इस वर्ष भी यहां के पंडालों के साथ विद्युत सजावट भक्तों के आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं।