कजरहट टोले में शनिवार को एक विवाह समारोह में वर और कन्या पक्ष के लोगों में हाथापाई हो गई।
इससे नाराज होकर दूल्हा बरातियों के साथ बिना विवाह किए वापस लौटने लगा। डाला पुलिस ने समय रहते स्थिति संभाली और दोनों पक्षों को समझा-बुझाकर विवाह संपन्न कराया। कजरहट निवासी जय गोविंद यादव ने अपनी पुत्री उषा की शादी शक्तिनगर निवासी सतिलाल यादव के पुत्र सूरज से तय की थी। शनिवार की शाम पीडब्ल्यूडी मोड़ शक्तिनगर से बारात धूमधाम से कजरहट पहुंची। द्वारचार की रस्म के बाद नाचने के लिए घराती और बराती में कहासुनी हो गई। स्थिति बिगड़ने पर दूल्हे वापस ले जाने लगा। इसकी सूचना डाला चौकी के हेड कांस्टेबल मनोज कुमार व कांस्टेबल गोविंद कुमार को मिली।
दोनों ने डाला चढ़ाई के पास बरात को रोककर वर पक्ष के लोगों समझाया। पुलिस की पहल बरात वापस कन्या पक्ष के घर आई। इसके बाद पूरे रीति-रिवाज से विवाह संपन्न हुआ। लोगों ने पुलिस की अगुवाई की सराहना की। दूल्हा-दुल्हन ने पुलिस का धन्यवाद किया।