फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Sonebhadra News: स्कूल बसों की उम्र सीमा 40 साल की जाए

विज्ञापन
विज्ञापन
सोनभद्र। विद्यालय-महाविद्यालय प्रबंधक महासभा सोनभद्र इकाई ने स्कूल बसों की उम्र सीमा 15 वर्ष से बढ़ाकर 40 वर्ष करने की मांग करते हुए केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी को बृहस्पतिवार को ज्ञापन सौंपा। महासभा ने तर्क दिया है कि स्कूल वाहन व्यावसायिक नहीं होते, उनका सीमित उपयोग होता है। उनकी तुलना व्यावसायिक बसों से करना तर्कसंगत नहीं है।
विज्ञापन


महासभा के जिला अध्यक्ष बी. गोपाल सिंह व सचिव विनोद कुमार जलान ने बताया कि स्कूल बसें महीने में औसतन 20-22 दिन और प्रतिदिन सिर्फ सुबह और शाम चलाई जाती हैं। व्यावसायिक बसें प्रतिदिन 200 से 1000 किलोमीटर चलती हैं। जबकि स्कूल वाहन 5 से 40 किलोमीटर ही चलते हैं। छुट्टियों के चलते स्कूल बसें बंद रहती हैं। ऐसे में सिर्फ उम्र के आधार पर इन्हें कबाड़ मानना ठीक नहीं है। ज्ञापन में मांग की गई है कि यदि स्कूल वाहन फिटनेस टेस्ट, प्रदूषण नियंत्रण और सुरक्षा मानकों पर खरे उतरते हैं, तो उनके पंजीयन की वैधता को 40 वर्षों तक बढ़ाया जाए।

अनावश्यक दबाव न डालें : गडकरी

विद्यालय की बसों को 15 साल के बाद स्क्रैप करने को लेकर उठे सवालों पर केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने उत्तर प्रदेश सरकार को पत्र लिखा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि स्वैच्छिक वाहन स्क्रैपिंग नीति के तहत विद्यालय की बसों पर अनिवार्य स्क्रैपिंग का कोई प्रावधान नहीं है। 24 जुलाई को राज्य के परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह को भेजे गए पत्र में गडकरी ने लिखा है कि प्रवर्तन एजेंसियां विद्यालयों के बस मालिकों पर अनावश्यक दबाव न डालें।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें