आठ वर्षीय बालिका के साथ दुष्कर्म के मामले में विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट अमित वीर सिंह की कोर्ट ने दोषी को 20 वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। कोर्ट ने महज 234 दिन में सुनवाई की प्रक्रिया पूरी करते हुए बुधवार को फैसला सुनाया।
इस दौरान दोषी पर 51 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया। अर्थदंड न देने पर 6 माह की अतिरिक्त कैद भुगतनी होगी। जुर्माने की धनराशि में से 40 हजार रुपये पीड़िता को मिलेंगे।
अभियोजन पक्ष के मुताबिक दुद्धी थाना क्षेत्र के एक गांव निवासी पीड़िता के पिता ने 2 सितंबर 2024 को दुद्धी थाने में तहरीर दी थी। अवगत कराया था कि उसकी आठ वर्षीय बेटी एक सितंबर को दोपहर ढाई बजे घर से 100 मीटर दूर स्थित महुआ के पेड़ के नीचे एक लड़के के साथ गोटी खेल रही थी।
वहां अखिलेश भारती पहुंचा और लड़के को डांटकर भगा दिया। इसके बाद बेटी का हाथ पकड़कर अपने चाचा के घर ले गया और दुष्कर्म किया।
रोती-बिलखती बेटी को धमकी दी कि कहीं सूचना देने पर पूरे परिवार को जान से मार देंगे। इस तहरीर पर पुलिस ने केस दर्ज कर की विवेचना की और पर्याप्त सबूत मिलने पर कोर्ट में चार्जशीट दाखिल किया।
मामले की सुनवाई के दौरान अदालत ने दोनों पक्षों के अधिवक्ताओं के तर्कों को सुनने, नौ गवाहों के बयान और पत्रावली का अवलोकन करने पर दोषी अखिलेश भारती को 20 साल के कारावास और 51 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई।