पांच वर्ष पूर्व फावड़ा से प्रहार कर हुई कुबेर प्रसाद की हत्या के मामले में अपर सत्र न्यायाधीश प्रथम जीतेंद्र कुमार द्विवेदी की कोर्ट ने दोषी को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। बुधवार को मामले की सुनवाई करते हुए कोर्ट 20 हजार रुपये अर्थदंड भी लगाया।
अर्थदंड न देने पर 4 माह की अतिरिक्त कैद भुगतनी होगी। अभियोजन पक्ष के मुताबिक कोना थाना क्षेत्र के रामगढ़ के दक्षिण टोला निवासी पंकज कुमार ने 12 अप्रैल 2020 को कोन थाने में तहरीर दी थी।
अवगत कराया था कि वह अपने पिता कुबेर प्रसाद के साथ शाम 7:30 बजे खेत से लौट रहा था। तभी लड़की भगाने की पुरानी बात को लेकर गांव के ही राजेश्वर कनौजिया उर्फ बटेशर ने उसके पिता कुबेर प्रसाद को फावड़ा से प्रहार कर हत्या कर दी।
पुलिस ने केस दर्ज कर विवेचना की और कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की। अदालत ने दोनों पक्षों के अधिवक्ताओं के तर्कों को सुनने, गवाहों के बयान व पत्रावली का अवलोकन करने पर दोषी राजेश्वर कनौजिया उर्फ बटेशर को आजीवन कारावास व 20 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। अर्थदंड न देने पर 4 माह की अतिरिक्त कैद भुगतनी होगी।