सोनभद्र। साढ़े पांच वर्ष पूर्व 14 वर्षीय नाबालिग के साथ हुए दुष्कर्म के मामले में अपर सत्र न्यायाधीश/विशेष न्यायाधीश पाक्सो एक्ट निहारिका चौहान की अदालत ने दोषी को दस वर्ष कैद की सजा सुनाई। बृहस्पतिवार को सुनवाई करते हुए कोर्ट ने उस पर 50 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया। वहीं इसी मामले में पाक्सो एक्ट में दोषी पाने पर एक अन्य को तीन वर्ष कैद और 25 हजार रुपये अर्थदंड से दंडित किया। अर्थदंड न देने पर अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी। अर्थदंड की समूची धनराशि पीड़िता को मिलेगी।
अभियोजन पक्ष के मुताबिक राबर्ट्सगंज कोतवाली क्षेत्र के एक गांव निवासी महिला ने 22 अक्तूबर 2017 को थाने में दी तहरीर में अवगत कराया था कि उसकी नाबालिग बेटियां (14 व 16 वर्ष) को शाम साढ़े सात बजे शौच के लिए गई थी। झाड़ी में छिपे जसवंत चौहान व सूरज चौहान निवासी घुवास खुर्द थाना राबर्ट्सगंज ने दोनों लड़कियों को दौड़ाकर पकड़ लिया। बड़ी लड़की तो किसी तरह चंगुल से छुड़ाकर भागने में सफल हो गई, लेकिन छोटी लड़की के साथ जसवंत चौहान ने दुष्कर्म किया। पुलिस ने केस दर्ज कर मामले की विवेचना की और न्यायालय में चार्जशीट दाखिल किया। मामले की सुनवाई के दौरान अदालत ने दोनों पक्षों के अधिवक्ताओं के तर्कों को सुनने, गवाहों के बयान एवं पत्रावली का अवलोकन करने पर दोषसिद्ध पाकर दुष्कर्म के दोषी जसवंत चौहान को 10 वर्ष की कैद और 50 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। अर्थदंड न देने पर 6 माह की अतिरिक्त कैद भुगतनी होगी। वहीं पाक्सो एक्ट में दोषी सूरज चौहान को 3 वर्ष की कैद व 25 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। अर्थदंड न देने पर तीन माह की अतिरिक्त कैद भुगतनी होगी। वहीं अर्थदंड की समूची धनराशि पीड़िता को मिलेगी। अभियोजन पक्ष की तरफ से सरकारी वकील दिनेश कुमार अग्रहरी, सत्य प्रकाश त्रिपाठी एवं नीरज कुमार सिंह ने बहस की।