सोनभद्र। जिले में निर्विवाद भूमि संबंधित विवादों के प्रभावी समाधान की दिशा में डीएम अभिषेक सिंह की देखरेख मेें निर्विवाद उत्तराधिकार (वरासत) को खतौनियों में दर्ज कराने के लिए विषेष अभियान चला। इस दौरान दस हजार 12 लोगों के आवेदन वरासत के लिए दर्ज किए गए, जिसमें नौ हजार एक सौ 65 लोगों का वरासत कर दिया गया। वहीं अधिकारी और कर्मचारी लंबित मामलों का निस्तारण करने में जुटे हैं।
15 दिसंबर 2020 से 28 फरवरी तक राबर्ट्सगंज, दुद्धी घोरावल और ओबरा तहसील क्षेत्र के गांवों में राजस्व विभाग खुद वरासत दर्ज कर पैमाइश का अभियान चलाया। यह अभियान हजारों लोगों को राहत देने वाला रहा। एक सुरक्षित माहौल में हर एक व्यक्ति को उसके स्वयं का जो रकबा है उसमें उसे कब्जा मिल गया। जिला स्तर पर अभियान के संचालन और निगरानी की जिम्मेदारी डीएम कर रहे हैं। एसडीएम और तहसीलदारों ने राजस्व निरीक्षकों की ओर से उपलब्ध कराये गए सभी प्रपत्रों को राजस्व निरीक्षक कार्यालय में जल्दी से जल्दी कम्प्यूटरीकृत खतौनी में निर्विवादित उत्तराधिकारियों के नाम दर्ज कराते हुए भूलेख साफ्टवेयर पर भी इसे अपडेट कराने में जुुटे है। प्रशासन की मानें तो अभियान के तहत दस हजार 12 लोगों के आवेदन वरासत के लिए दर्ज किए गए, जिसमें 511 आवेदन पत्र विवादित निकले और 9414 अविवादित घोषित किए गए। लेखपालों द्वारा 9925 आवेदन पत्रों की जांच कर उच्चाधिकारियों को अग्रसारित किया गया, जिसमें से 608 आवेदन निरस्त कर दिए गए। 9165 अविवादित आवेदकों का वरासत कर दिया गया है। अभी राजस्व निरीक्षक स्तर पर 39 और अन्य स्तरां ेपर 87 मामले पेडिंग है। संबंधित अधिकारी और कर्मचारी अन्य मामलों का भी निस्तारण करने में जुटे है।
प्रत्येक लेखपाल, राजस्व निरीक्षक, तहसीलदार व एसडीएम से यह प्रमाण पत्र मांगा गया है कि उनके क्षेत्र में अविवादित उत्तराधिकार का कोई मामला बचा नहीं है। जरूरत पडने पर शपथ पत्रों का सत्यापन भी कराया जाएगा। झूठा शपथ पत्र देने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। - अभिषेक सिंह, जिलाधिकारी सोनभद्र।
जिले मेें अभियान चलाकर दस हजार 12 लोगों के आवेदन वरासत के लिए दर्ज किए गए थे। जांच करने पर 512 आवेदन पत्र विवादित और 9414 अविवादित घोषित किए गए। 9165 अविवादित आवेदकों का वरासत कर दिया गया है। इसासे करीब तीस हजार लोग लाभांवित हुए है। लंबित मामलों का भी निस्तारण कराया जा रहा है। - योगेंद्र बहादुर सिंह, अपर जिलाधिकारी, सोनभद्र।