नाबालिग से छेड़छाड़ और विरोध करने पर घर में घुसकर मारपीट, बलवा के मामले में कोर्ट ने दस दोषियों को चार-चार वर्ष कैद की सजा सुनाई है। विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट अमित वीर सिंह की कोर्ट ने मंगलवार को सुनवाई करते हुए प्रत्येक पर साढ़े 38 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया।
अर्थदंड में से 30 हजार रुपये पीड़ितों को दी जाएगी। मामला विंढमगंज थाना क्षेत्र के एक गांव का है। अभियोजन के मुताबिक 29 अगस्त 2018 को एक व्यक्ति ने पुलिस को प्रार्थना पत्र देकर बताया कि उसकी बेटी एक विद्यालय में 12वीं की छात्रा है।
विद्यालय के शिक्षक ने एक आपत्तिजनक पत्र दिया और उसके साथ अश्लील व्यवहार किया। इसकी शिकायत जब उसने विद्यालय के प्रबंधक और शिक्षक से की तो वह गाली-गलौज करते हुए 8-10 लोगों को साथ उसके घर पर धमक पड़े। वहां तोड़फोड़ और मारपीट की।
बीच बचाव में आए लोगों को भी पीटा। पुलिस ने केस दर्ज कर विवेचना की। कोर्ट में शिक्षक जावेद जख्तर उसके पिता बदरुद्दीन, सलाउद्दीन, कलामुद्दीन, फसीउद्दीन, मसूद आलम, सलमान, शहजाद, असजद और कलाम के विरुद्ध चार्जशीट दाखिल की।
सुनवाई के दौरान दोनों पक्षों की दलीलों को सुनने, साक्ष्यों के अवलोकन और गवाहों के परीक्षण पर कोर्ट ने सभी को दोषी करार देते हुए चार-चार वर्ष कैद की सजा सुनाई। अलग-अलग धाराओं में प्रत्येक पर कुल साढ़े 38 हजार रुपये का अर्थदंड लगाया।