सोनभद्र। अक्तूबर के पहले दिन से बारिश और तापमान लुढ़कने से बिजली की खपत में भी तेजी से गिरावट आई है। इस महीने बिजली की मांग में 10 हजार मेगावाट तक की कमी आई है।
इसके कारण 10 बिजली इकाइयों को कम मांग (लो डिमांड) के कारण बंद कर दिया गया है। वहीं, राज्य से जुड़ी छह और इकाइयां बंद पड़ी हैं।
मांग में लगातार गिरावट के कारण सबसे कम लागत पर बिजली पैदा करने वाली इकाइयों में भी पिछले चार दिनों से थर्मल बैकिंग की जा रही है। सितंबर के मुकाबले अक्तूबर में तापमान में भी नौ डिग्री तक दर्ज हुई गिरावट ने भी बिजल खपत घटाने में अहम भूमिका निभाई है। बृहस्पतिवार को भी 1600 मेगावाट से अधिक बिजली उत्पादन घटाए रखा गया।
बताते चलें कि सितंबर माह में बिजली की मांग 30 हजार मेगावाट को पार कर गई थी। वहीं अक्तूबर में यह मांग घटकर 20 से 22000 मेगावाट पर आ गई है। दाे दिन पूर्व जहां बिजली की अधिकतम मांग 20 हजार मेगावाट के लगभग रिकार्ड की गई। वहीं बुधवार की रात पीक ऑवर में भी यह आंकड़ा 22 हजार मेगावाट के इर्द-गिर्द बना रहा। इसी तरह सितंबर में जहां अधिकतम तापमान 35 डिग्री रिकार्ड किया गया था।
वहीं अक्तूबर में चार अक्तूबर को यह घटकर 26 डिग्री पर आ गया। बारिश थमने-धूप खिलने के बाद भी यह 30 से 32 डिग्री पर बना हुआ है। ओबरा की 200 मेगावाट वाली 11वीं इकाई जहां तकनीकी कारणों से बुधवार को बंद हो गई। वहीं मांग में गिरावट के कारण बृहस्पतिवार को उत्पादन पर चल रही इकाइयों से क्षमता के मुकाबले महज आधा उत्पादन लिया जाता रहा।