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Sonebhadra News: भीड़ के आगे बे-बस दिखे यात्री, घंटों इंतजार करना पड़ा इंतजार

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सोनभद्र। छठ पूजा के लिए घर जाने वालों को शनिवार को सफर में मुश्किलें झेलनी पड़ी। पहले स्टैंड पर खड़े होकर वाहनों के इंतजार में घंटों समय बीताना पड़ा तो फिर बसों में भी सीट के लिए मारामारी रही। जिले के विभिन्न रूटों पर चलने वाली सभी बसें यात्रियाें से भरी रहीं। टेंपो, जीप सहित अन्य सवारी वाहनों से भी सफर में यात्रियों को मशक्कत हुई। सबसे ज्यादा परेशानी में वह यात्री थे, जिन्हें बिहार और झारखंड के सीमावर्ती क्षेत्रों में जाना था।
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जिले में छठ पूजा वृहद स्तर पर होती है। पर्व पर हर कोई अपने घर पहुंचने के लिए लालायित है। सड़क परिवहन ही आवागमन का मुख्य साधन होने के कारण शनिवार को वाहनों पर भीड़ का बेतहाशा दबाव रहा। रोडवेज डिपो से अधिक यात्री उससे बाहर और प्राइवेट स्टैंड पर खड़े होकर साधन का इंतजार करते रहे।
धर्मशाला चौक, विजयगढ़ टाकिज, पन्नूगंज रेलवे क्रॉसिंग, बढ़ौली चौक स्थित प्राइवेट बस स्टैंडों पर यात्रियाें की भीड़ रही। शेड और बेंच न होने से यात्री पटरी के किनारे ही खड़े होकर वाहनों का इंतजार करने को विवश रहे। कइयाें को घंटे भर से अधिक खड़ा रहना पड़ा। उधर, रोडवेज बस डिपो परिसर में पर्याप्त बसों का संचालन होने के बाद भी यात्रियों की भीड़ बनी रही। वाराणसी-शक्तिनगर रूट पर संचालित अधिकांश बसें पूरी तरह भरी हुई आ रही थीं। सीट न होने के कारण यात्री बैठकर इंतजार करते रहे। महिलाओं के साथ सफर करने वाले खासे परेशान दिखे।
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एक घंटे के इंतजार के बाद भी नहीं मिली बस
दुद्धी जाने के लिए रोडवेज डिपो में दोपहर 12 बजे से खड़े नुरुद्दीन ने बताया कि सीधे कोई बस नहीं है। हाथीनाला तक जाने के लिए भी एक घंटे में तीन बसें आई, लेकिन किसी में सीट खाली नहीं थी। रुबीना, शाहिद, फैयाज आदि को बैढन जाना था। बस खड़ी थी, लेकिन सीट न होने के कारण वह सवार नहीं हो सके। करीब आधे घंटे इंतजार के बाद दूसरी बस से रवाना हुए। इसी तरह वाराणसी जाने के लिए अपनी बहन के साथ आकांक्षा को आधे घंटे तक इंतजार करना पड़ा। सीट न होने के कारण दो बस छोड़नी पड़ी। बाद में यात्री बढ़ने पर डिपो प्रबंधन ने सोनभद्र से दूसरी बस रवाना की, जिसमें बहनों को सवार होना पड़ा। भाई के साथ बनारस जा रहीं प्रीति राव भी बसों में भीड़ से परेशान रहीं।
स्टैंड पर लगते ही भर जा रहे थे टेंपो
विजयगढ़ टाकिज के पास रामगढ़, वैनी जाने वाले छोटे वाहनों का स्टैंड है। शनिवार की दोपहर यहां यात्रियों की भीड़ रही। हाल यह था कि सामान्य दिनों में आठ सीटर टेंपो को भरने में 15-20 तक मशक्कत करनी होती है, वहीं शनिवार को स्टैंड पर खड़ी होते ही टेंपो भर जा रहे थे। अलबत्ता कई सवारी तो चालकों से उनके गंतव्य के बारे में पूछते दिखे।
त्योहारी सीजन में रोडवेज की बढ़ी कमाई
बसों में भीड़ के कारण रोडवेज की कमाई में भी इजाफा हुआ है। सामान्य दिनों में डिपो की औसत आय आठ से नौ लाख तक है। वहीं इन दिनों यह बढ़कर दस से साढ़े दस लाख तक पहुंच गई है। यात्रियों की भीड़ से प्रबंधन उत्साहित है।
शक्तिनगर जाने के लिए बस का इंतजार कर रहे हैं। डिपो में कोई भी बस खाली नहीं आ रही। इसलिए बाहर खड़े हैं, ताकि यहीं से सवार हो जाय। इससे सीट मिलने की गुंजाइश रहेगी। - संजय पांडेय।
ओबरा जाना है। आधे घंटे से बस का इंतजार कर रहे हैं। एक बस आई भी तो उसमें भीड़ अधिक थी। दूसरी बस कब तक आएगी पता नहीं। इतनी भीड़ अन्य दिनों में नहीं होती है। -जाकिर।
प्रयागराज जाने के लिए बस पकड़ना है। एक घंटे से खड़े हैं। अधिकांश बसें बाहर से ही जाती हैं। यहां न बैठने की व्यवस्था है और न ही अन्य सुविधाएं। पता नहीं अभी कितना इंतजार करना पड़ेगा। -रिचर्ड डेविड।
बनारस जाने के लिए बसें तो कई आ रही हैं, लेकिन उनमें पहले से ही भीड़ रह रही है। प्राइवेट बसों में भी जगह नहीं है। थोड़ा इंतजार कर ही आगे जाएंगे, जिससे सफर आरामदायक रहे। -राहुल।
छठ पूजा को लेकर बसों में भीड़ बढ़ी है। यात्रियों की सुविधा के लिए अतिरिक्त बसें भी चलाई जा रही हैं। अगले कुछ दिनों तक यह भीड़ रहने की उम्मीद है। डिपो की आमदनी में इजाफा हुआ है। - विश्राम कुमार, सहायक क्षेत्रीय प्रबंधक, सोनभद्र डिपो।
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