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Sonebhadra News: शिक्षकों ने बीएसए कार्यालय का घेराव किया

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उरमौरा ​स्थित बीएसए कार्यालय के सामने धरने पर बैठे संयुक्त ​शिक्षक संघ के पदा​धिकारी। संवाद
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सोनभद्र। पहले सर्व शिक्षा अभियान के जिला समन्वयक और फिर बीएसए के साथ महिला शिक्षकों के विवाद का मसला गरमाता जा रहा है। प्रकरण को लेकर बुधवार को उत्तर प्रदेश महिला शिक्षक संघ के साथ कई शैक्षिक संंगठनों ने बीएसए कार्यालय पर घेराव किया। लगभग तीन घंटे तक चले घेराव में शिक्षकों ने नारेबाजी की। मामले को लेकर बीएसए से वार्ता भी हुई।
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उत्तर प्रदेश प्राथमिक शिक्षक संघ की जिलाध्यक्ष कौशर जहां सिद्दीकी, महामंत्री कुंजलता त्रिपाठी आदि के साथ दुर्व्यवहार का
मसला गत 23 अगस्त से गरमाया हुआ है। महिला शिक्षकों का आरोप है कि 19 अगस्त को कुछ शिक्षिकाएं जिला समन्वयक से मिलने गई थीं। वहां आपत्तिजनक शब्दों का इस्तेमाल किया गया। 23 अगस्त को बीएसए से मिलीं तो उन्होंने भी उनकी बात नहीं सुनी।
बुधवार को दोपहर ढाई बजे से शाम साढ़े पांच बजे तक बीएसए दफ्तर पर जिलाध्यक्ष कौशर जहां सिद्दीकी की अगुवाई में शिक्षक-शिक्षिकाओं का जमावड़ा रहा। प्राथमिक शिक्षक संघ की जिलाध्यक्ष संतोषी सिंह, माध्यमिक शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष जनार्दन त्रिपाठी, उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष योगेश पांडेय, पूर्व मध्यमिक शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष रविभूषण सिंह, अतेवा महिला प्रकोष्ठ की प्रदेश अध्यक्ष रंजना सिंह पटेल, यूटा के जिलाध्यक्ष शिवम अग्रहरी, महिला शिक्षक संघ की वरिष्ठ उपाध्यक्ष गायत्री त्रिपाठी, सोनाली मजूमदार आदि ने कार्रवाई की मांग की।
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डीएम के यहां आवाज उठाएंगी

उत्तर प्रदेश महिला शिक्षक संघ की महामंत्री कुंजलता त्रिपाठी का कहना था कि उन्होंने बीएसए से शिक्षक-शिक्षिकाओं के बीच चलकर ज्ञापन लेने की बात कही तो उन्होंने इन्कार कर दिया। कोई मांग भी नहीं मानी। अब रणनीति बनाकर डीएम के यहां आवाज उठाई जाएगी।

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सभी मांगों पर बनी सहमति : बीएसए
बीएसए मुकुल आंनद पांडेय का कहना था कि शिक्षकों की मांग थी कि कार्यालय में आने पर सम्मानजनक पूर्ण बात की जाए। सीसीएल से जुड़े मामलों का त्वरित निस्तारण किया जाए। किसी की कोई निजता भंग न हो, इन्हीं सारी बातें पर वार्ता हुई। इसको लेकर सहमति भी बन गई। आरोपों पर कहा कि उस दिन भी सहानुभूतिपूर्ण माहौल में वार्ता हुई लेकिन बाहर के कुछ अराजक तत्वों ने उन्हें गुमराह कर दिया था।
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