वैनी। नगवां ब्लाक के कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय की छात्राओं की शिकायत पर बीएसए ने जांच टीम गठित कर दी है। छात्राओं ने शिक्षिकाओं पर रात में पैर दबवाने और ऐसा न करने पर धमकी देने का आरोप लगाया है। मामला सामने आने के बाद बुधवार को ब्लाक प्रमुख आलोक सिंह और बीडीओ राकेश कुमार भी मौके पर पहुंचे। वहां कई खामियां सामने आई। सौ की जगह महज 48 छात्राएं मौजूद मिलीं।
नंदना गांव में संचालित विद्यालय में कक्षा छह से आठवीं कक्षा तक की छात्राओं के रहने, खाने-पीने एवं पढ़ाई करने की सुविधा है। कक्षा-11 की छात्राओं ने मंगलवार को ब्लॉक कार्यालय पहुंचकर दो शिक्षिकाओं पर प्रताड़ित करने का आरोप लगाया था। कहा कि दोनों शिक्षिका रात में उनसे पैर दबवाती हैं और पैर न दबाने पर डराती धमकाती हैं। जबरन बाथरूम साफ करवाया जाता है। नाश्ता व भोजन भी समय से मीनू के अनुसार नहीं मिलता। शिकायत को गंभीरता से लेते हुए बुधवार को ब्लॉक प्रमुख आलोक सिंह और खंड विकास अधिकारी राकेश सिंह ने विद्यालय का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान सिर्फ 48 छात्राएं मिली। छात्राओं ने बताया कि विषयवार कभी भी पढ़ाई नहीं होती। स्कूल की बाउंड्री भी टूटी हुई है, जहां से आने जाने का दूसरा रास्ता भी बना हुआ है। जो सुरक्षा की दृष्टि से सही नहीं हैं। ब्लॉक प्रमुख आलोक सिंह ने बताया कि विद्यालय में काफी खामी मिली हैं। बीएसए हरिवंश कुमार ने बताया कि कस्तूरबा गांधी आवासी बालिका विद्यालय नंदना मामले की जांच करने के लिए कमेटी गठित कर दी गई है। जांच आख्या के आधार पर कार्रवाई की जाएगी।