चेहल्लुम पर गुरुवार को राबर्ट्सगंज में ताजिया और अलम का जुलूस निकाला गया। इस दौरान अजादारों ने नौहा मातम के जरिए कर्बला के शहीदों को याद किया। वहीं जुलूस में युवाओं ने फनसिपहगिरी में शस्त्रों के प्रदर्शन कर लोगों को आश्चर्यचकित कर दिया। वहीं जिला प्रशासन की ओर से सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए थे।
गुरुवार को राबर्ट्सगंज स्थित रिजवी कटरा से स्व. सैयद अख्तर अब्बास रिजवी के निवास से ताजिया और अलम का जुलूस निकाला गया। जुलूस दोपहर बाद करीब तीन बजे निकला जो नगर के विभिन्न रास्तों से होकर कर्बला पहुंचा। इस दौरान अंजुमने हैदरी शिया कमेटी के सदस्यों ने फनसिपहगिरी के तहत कई शस्त्रों का प्रदर्शन किया।
जबकि अंजुमनों ने जंजीर और कमा का मातम किया। जुलूस में या हुसैन या अब्बास की दर्द भरी सदाएं रास्ते भर गूंजती रहीं। लोगों ने इमाम हुसैन और उनके शहीद 72 साथियों को नौहों और मातम के जरिए खिराजे अकीदत पेश की। जुलूस के कर्बला पहुंचने पर एसए रिजवी ने आखिरी सलाम पढ़ा।
उधर, जुलूस के दौरान सुरक्षा व्यवस्था के मद्देनजर पुलिस प्रशासन ने कड़े इंतजाम किए गए थे। जुलूस के रास्ते में पुलिस फोर्स की तैनाती रही। जबकि अधिकारी भी गश्त कर स्थिति पर नजर रखे रहे।