देश के सबसे बड़े पावर प्लांट बन चुके एनटीपीसी विंध्याचल के मुखिया एसके राय ने मंगलवार को कहा कि महाराष्ट्र और गुजरात में बिजली की मांग घटने से परियोजना का उत्पादन कम करना पड़ा है।
उनका कहना था कि पांच दिनों पूर्व सिंक्रोनाइज की गई 500 मेगावाट की 13 वीं इकाई को नवंबर अंत तक कामर्शियल लोड पर ले लिया जाएगा।
परियोजना के कार्यकारी निदेशक (ईडी) एसके राय ने बताया कि बिजली की मांग कम होने का खामियाजा विंध्याचल को भुगतना पड़ रहा है। कोयले की आपूर्ति की फिलहाल कोई दिक्कत नहीं है।
विदेशी कोयले पर निर्भरता कम करने का प्रयास किया जा रहा है। एनटीपीसी 2017 तक देश में 50 हजार मेगावाट बिजली उत्पादन लक्ष्य को हासिल करने की दिशा में तेजी से काम कर रहा है।
पांच सौ मेगावाट की 13 वीं इकाई को नवंबर तक कामर्शियल लोड पर ले लिया जाएगा। जल्द परियोजना के इकाइयों और टाउनशिप के विभिन्न स्थानों पर सौर ऊर्जा प्लांट लगाए जाएंगे। इस मौके पर जीएम दिनेश कुमार, एके तिवारी मौजूद रहे।