कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित कार्यक्रम में अनुदेशक को सम्मानित करते राज्यमंत्री संजीव गोंड व अन
सोनभद्र। कलेक्ट्रेट सभागार में रविवार को अंशकालिक अनुदेशकों के सम्मान में भव्य समारोह आयोजित किया गया। प्रदेश सरकार की तरफ से मानदेय वृद्धि किए जाने के बाद जनपद के 460 कार्यरत अनुदेशकों को बढ़े हुए मानदेय का लाभ मिलने की शुरुआत हुई। जिला प्रशासन एवं बेसिक शिक्षा विभाग की ओर से आयोजित कार्यक्रम में अनुदेशकों को सम्मानित करते हुए प्रतीकात्मक चेक भी वितरित किए गए।
कार्यक्रम के दौरान लखनऊ में आयोजित राज्य स्तरीय समारोह का सजीव प्रसारण बड़ी स्क्रीन पर दिखाया गया, जिसे उपस्थित अनुदेशकों ने उत्साहपूर्वक देखा। मानदेय वृद्धि की घोषणा होते ही सभागार तालियों से गूंज उठा। समारोह में उत्कृष्ट कार्य करने वाले अनुदेशकों को अंगवस्त्र एवं प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। अप्रैल माह के बढ़े हुए मानदेय के रूप में 17 हजार रुपये का प्रतीकात्मक चेक वितरण कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण रहा। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि एवं समाज कल्याण राज्य मंत्री संजीव कुमार गोंड ने कहा कि अनुदेशक शिक्षा व्यवस्था की महत्वपूर्ण कड़ी हैं और सरकार उनके हितों के प्रति संवेदनशील है। उन्होंने कहा कि विद्यालयों में अनुदेशक पूरी निष्ठा से बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देने का कार्य कर रहे हैं। जिलाधिकारी चर्चित गौड़ ने कहा कि शिक्षक और अनुदेशक बच्चों के व्यक्तित्व निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
उन्होंने बच्चों को मूल्य आधारित शिक्षा देने और उनकी सीखने की क्षमता के अनुसार शिक्षण कार्य करने पर जोर दिया। सदर विधायक भूपेश चौबे ने अनुदेशकों को बधाई देते हुए कहा कि खेल, कला और कृषि जैसे क्षेत्रों में बच्चों की प्रतिभा निखारने की बड़ी जिम्मेदारी अनुदेशकों पर है। उन्होंने सड़क सुरक्षा, स्वच्छता और जल संरक्षण जैसे सामाजिक विषयों पर भी बच्चों को जागरूक करने का आह्वान किया। इस अवसर पर सीडीओ जागृति अवस्थी के साथ विभिन्न शिक्षक एवं अनुदेशक संगठनों के पदाधिकारी, विभागीय अधिकारी तथा बड़ी संख्या में अनुदेशक उपस्थित रहे।