फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

पाठ्यक्रम पूरा नहीं तो छात्र-छात्राएं कैसे देंगे परीक्षा

विज्ञापन
विज्ञापन
दुद्धी। महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ ने स्नातक अंतिम वर्ष की परीक्षाओं के लिए समय सारिणी जारी कर दी गई है। परीक्षाएं दो सितंबर से शुरू हो रही है। ऐसे में स्नातक अंतिम वर्ष के छात्र-छात्राओं में परीक्षा को लेकर उहापोह की स्थिति है। उनका कहना है कि लॉकडाउन के बाद से पढ़ाई हुई नहीं। ऑनलाइन पढ़ाई के नाम पर सिर्फ कोरम पूरा हुआ। किस आधार पर परीक्षा दी जाए। समझ से बाहर है। भाऊराव देवरस राजकीय महाविद्यालय के बीए तृतीय वर्ष के छात्र राहुल कांस्यकर ने बताया कि कोरोना से कॉलेज बंद हो गया। ऑनलाइन पढ़ाई कराने को लेकर एक बार चर्चा हुई। लेकिन कई प्रवक्ताओं ने अमल नही किया। बीए तृतीय वर्ष के छात्र पंकज चौरसिया ने बताया कि दो सितंबर से परीक्षा शुरू हो रही है। लेकिन कोर्स अधूरे है। परीक्षा अपने बुद्धि विवेक और घरेलू पढ़ाई के अनुसार देंगे। महाविद्यालय के अन्य छात्र-छात्राओं की मानें तो ऑनलाइन पढ़ाई के नाम पर सिर्फ कोरम अदायगी की गई है। महाविद्यालय के हिन्दी के असिस्टेंट प्रोफेसर आरजू सिंह ने बताया कि महाविद्यालय के प्राध्यापकगण ऑनलाइन अध्यापन कर रहे हैं। वे खुद वाट्सएप ग्रुप के जरिए विषय से संबंधित सामग्री छात्राओं को प्रदान की। विषयगत ज्ञान देने का भरपूर प्रयास किया जा रहा है। वहीं असिस्टेंट प्रोफेसर वाणिज्य डॉ. राकेश कन्नौजिया ने बताया कि कोरोना काल में शिक्षा व्यवस्था लगभग चरमरा गई है। लेकिन इंटरनेट व मोबाइल व अन्य इलेक्ट्रॉनिक माध्यमों ने शिक्षा की गुणवत्ता बनाए रखने में मदद की है। कोरोना कॉल में अध्यापन सामग्री तैयार किया गया है, जिसके अंतर्गत पावर पॉइंट प्रेजेंटेशन, वीडियो है तथा ऑनलाइन ई बुक्स की व्यवस्था की जा रही है। ताकी कोरोना संकट के समाप्ति पर महाविद्यालय के स्मार्ट क्लास के माध्यम से शिक्षण व्यवस्था कम समय में गुणवत्ता युक्त दी जा सके।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें