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अब हर थाने में तैनात होंगे साइबर क्राइम विशेषज्ञ

Sat, 16 Jul 2016 11:33 PM IST
ब्यूरो/ अमर उजाला /सोनभद्र
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साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन - फोटो : AmarUjala
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 नक्सल प्रभावित जिले में साइबर क्राइम की छिटपुट घटनाएं होती हैं। साइबर क्राइम से पीड़ित व्यक्ति थाने या रिपोर्टिंग पुलिस चौकी में मुकदमा पंजीकृत कराते हैं। लेकिन थानों में साइबर क्राइम विशेषज्ञ पुलिसकर्मी तैनात न होने से घटना का पर्दाफाश करने में दिक्कतें होती हैं। इसको गंभीरता से लेते हुए एसपी ने सभी थानों में एक-एक साइबर क्राइम विशेषज्ञ जवान को तैनात करने का निर्णय लिया है। इसके लिए जवानों को ट्रेनिंग दी जाएगी।
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जिले में महिला थाने को मिलाकर कुल 22 थाने हैं। लेकिन वर्तमान में एक भी थाने पर साइबर क्राइम विशेषज्ञ पुलिसकर्मियों की तैनाती नहीं हुई है। इस नाते थानों में साइबर अपराध के जो भी मुकदमे दर्ज होते हैं उसका निस्तारण करने में दिक्कतों का सामना करना पड़ा रहा है। पुलिस की मानें तो वर्ष 2015 में जिले में करीब आठ मामले साइबर क्राइम से संबंधित दर्ज हुए थे। इसमें से पांच मामलों का ही खुलासा हो पाया है।

वर्ष 2016 में भी कई मामले साइबर क्राइम के थानों और पुलिस चौकियों में पहुंचा। इसको गंभीरता से लेते हुए पुलिस प्रशासन ने हर थाने पर एक साइबर क्राइम विशेषज्ञ पुलिस कर्मी तैनात करने का निर्णय लिया है। ताकि साइबर क्राइम पर अंकुश लगाया जा सके। इस संबंध में पुलिस अधीक्षक लल्लन सिंह ने कहा कि पुलिस लाइन में जवानों को साइबर क्राइम के बारे में प्रशिक्षण देकर उनकी तैनाती थानों पर की जाएगी।
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उन्होंने कहा कि कोई व्यक्ति फोन कर खुद को बैंक का कर्मचारी बनकर बैंक का खाता नंबर या एटीएम का कोड पूछता है तो उसे कदापि न बताएं। इसकी सूचना नजदीकी थाने या पुलिस चौकी को दें। क्योंकि साइबर क्राइम करने वाले आरोपी अधिकांश, बिहार, झारखंड, छत्तीसगढ़ और पश्चिम बंगाल के रहने वाले होते हैं। इसलिए आरोपियों को पकड़ कर घटना का पर्दाफाश करने में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। 
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