सोनभद्र। जिलापूर्ति अधिकारी डॉ. राकेश तिवारी ने अनाज वितरण में गड़बड़ी की शिकायत सही मिलने पर हर्रा और अरंगी की वितरण प्रणाली की दुकानें निलंबित कर दी है। आपूर्ति विभाग द्वारा कोटेदारों के खिलाफ प्राप्त शिकायत पत्रों की जांच की गई तो काफी हद तक सही निकली। जांच रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई की गई है। पिछले कुछ माह पूर्व ग्राम पंचायत अरंगी और हर्रा के कई कार्डधारकों ने डीएम को कोटेदार के खिलाफ शिकयती पत्र सौंपा था। शिकायतकर्ताओं का आरोप था कि दुकानदारों ने कई कार्डधारकों का फर्जी ढंग से अंगूठा लगाकर और हस्ताक्षर कर अनाज की कालाबाजारी कर रहे हैं। डीएम के निर्देश पर आपूर्ति विभाग ने शिकायती पत्रों की जांच शुरू की तो सच्चाई खुलकर सामने आने लगी। जांच में पता चला कि कई कार्डधारक गैर प्रांतों या जिलों में नौकरी करते हैं, लेकिन उनका हस्ताक्षर कर हर माह अनाज की कालाबाजारी की जा रही है। जिलापूर्ति अधिकारी डॉ. राकेश तिवारी ने बताया कि जांच के दौरान अरंगी के उचित दर विक्रेता श्यामलाल औश्र हर्रा के कोटेदार श्रीचंद्र गुप्ता के ऊपर लगाए गए गंभीर आरोपों की पुष्टि हुई है। इसलिए दोनों उचित दर विक्रेता की दुकानों का अनुबंध पत्र विक्रेता की शासन के पक्ष मेें जमा संपूर्ण प्रतिभूति की धनराशि को जब्त करते हुए निरस्त कर दिया गया उन्होंने कहा कि कोटेदार वितरण में किसी प्रकार की गड़बड़ी न करें, इसकी मानिटरिंग कराई जा रही है।