जिले के विंढमगंज से छत्तीसगढ़ के अंबिकापुर तक रेलवे लाइन बिछाने के लिए सर्वे का काम शुरू हो गया है। विंढमगंज रेलवे स्टेशन को जंक्शन बनाकर यहां से अंबिकापुर को जोड़ने की रेल मंत्रालय की योजना के तहत सर्वे हो रहा है।
विंढमगंज रेलवे स्टेशन के पूरब की तरफ झारखंड प्रांत के बिलासपुर गांव से होते हुए वाया धुरकी से छत्तीसगढ़ के अंबिकापुर को जोड़ना है। रेल मंत्रालय की तरफ से सर्वे के लिए एक निजी एजेंसी को यह काम करने के लिए दिया है, जो पिछले एक सप्ताह से विंढमगंज से झारखंड प्रांत के घुरकी तक सर्वे का काम कर रही है।
जानकारों की मानें तो जून 2024 तक यह सर्वे का काम किसी भी हालत में पूर्ण कर लिया जाएगा। सर्वे टीम के लोग ड्रोन कैमरा के माध्यम से 100 मीटर चौड़ा जमीन को चिह्नित कर निशान लगा रहे हैं। विंढमगंज से सटे झारखंड प्रांत के गांव बिलासपुर, मकरी, घघरी, दुसैया, झुमकापुत्तुर, परासपानी होते हुए कनहर नदी के किनारे गांव बालचौरा तक का सर्वे हो चुका है। सर्वे टीम कनहर नदी के उस पार छत्तीसगढ़ में इस समय सर्वे कर रही है।
तीन रेलवे स्टेशनों से हो रहा है सर्वे
पूर्व मध्य रेलवे धनबाद के बरवाडीह-चोपन रेल मार्ग से छत्तीसगढ़ के अंबिकापुर को जोड़ने के लिए तीन रेलवे स्टेशनों से सर्वे कराया जा रहा है। सोनभद्र के रेणुकूट और विंढमगंज व झारखंड के पलामू जिला के बरवाडीह रेलवे स्टेशन से अंबिकापुर को जोड़ने के लिए रेलवे मंत्रालय ने सर्वे करने का निर्णय लिया है। रेणुकूट-अंबिकापुर और बरवाडीह से अंबिकापुर का सर्वे पूरा हो चुका है। विंढमगंज रेलवे स्टेशन से अंबिकापुर तक सर्वे का काम अब शुरू हुआ है, जो तेजी से चल रहा है। जल्द ही सर्वे रिपोर्ट रेलवे मंत्रालय को सौंपा जाएगा।
कई दशक से चल रही थी मांग
विंढमगंज। पूर्व मध्य रेलवे धनबाद मंडल के बरवाडीह-चोपन रेल मार्ग से दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे बिलासपुर के अंबिकापुर छत्तीसगढ़ रेलवे स्टेशन को जोड़ने की मांग को लेकर कई दशकों से अंबिकापुर के लोग आंदोलन करते आ रहे हैं। रेलवे मंत्रालय ने पिछले साल सर्वे करने का निर्णय लिया था। केंद्र में नई सरकार के गठन होने और छत्तीसगढ़ में भाजपा सरकार के बनने के बाद इस काम में तेजी आई है।