सोनभद्र। बिजली का बिल जमा करने के लिए अब उपभोक्ताओं को विद्युत विभाग के कार्यालय में मशक्कत नहीं करनी पड़ेगी। अक्सर लोग कार्यालय में भीड़ होने की वजह से समय से बिल नहीं जमा कर पाते थे जिससे उन्हें जुर्माना भरना पड़ता था लेकिन अब ऐसा नहीं होगा। विद्युत वितरण निगम की ओर से कोटे (सरकारी सस्ते गल्ले) की दुकानों पर बिल जमा करने की व्यवस्था बनाने की तैयारी में है। संभावना जताई जा रही है कि नवंबर से नई व्यवस्था शुरू हो जाएगी और उपभोक्ता अपने क्षेत्र के कोटे की दुकान पर बिजली का बिल जमा कर सकेंगे। इससे उन्हें काफी सहूलियत होगी। विद्युत निगम के उच्चाधिकारियों की मंजूरी मिलने के बाद कोटे की दुकानों पर बिजली का बिल जमा करने की व्यवस्था के तहत कार्य शुरू कर दिया गया है। जल्द ही जिले के 798 में कोटे के दुकानदारों को बिल जमा कराने के बारे में जानकारी दी जाएगी। यह व्यवस्था बिल जमा करने को लेकर आ रही दिक्कतों को दूर करने के लिए की जा रही है। बिजली विभाग के दफ्तरों में भीड़ होने के कारण कई ऐसे लोग जिन्हें आनलाइन व्यवस्था की जानकारी नहीं होने पर बिजली का बिल समय से जमा नहीं कर पाते थे। इससे उन्हें जुर्माना भरना पड़ता था। कोटे की दुकानों पर बिल जमा होने से लोगों को सहूलियत होगी और बिजली विभाग के राजस्व में बढ़ोतरी होगी। राबर्ट्सगंज विद्युत वितरण खंड के अधिशासी अभियंता एसके सिंह ने बताया कि सरकारी सस्ते गल्ले की दुकानों पर बिजली का बिल जमा करने की सुविधा शुरू की जा रही है। सबकुछ ठीक रहा तो नवंबर से सुविधा शुरू हो जाएगी। इसका प्लान तैयार किया जा रहा है। बिजली बिल जमा करने के लिए कोटे की दुकानों पर पीओएस मशीन मुहैया कराई जाएगी। इस मशीन में एक सॉफ्टवेयर डाउनलोड किया जाएगा जिसमें बिजली का बिल जमा करने वाले उपभोक्ताओं के नाम, पता, धनराशि, कनेक्शन नंबर आदि जानकारी दर्ज करने की व्यवस्था होगी। इस नई सर्विस के शुरू होने से उपभोक्ताओं को बिल जमा करने के लिए इधर-उधर भटकना नहीं पड़ेगा। इससे उपभोक्ताओं और विद्युत निगम दोनों को फायदा होगा। जिलापूर्ति अधिकारी डॉ. राकेश तिवारी ने बताया कि जिले के सभी कोटे की दुकानों पर बिजली का बिल जमा करने की सुविधाएं शुरू करने की दिशा में पहल जारी है। इस व्यवस्था के शुरू होने से बिजली के उपभोक्ताओं को काफी राहत मिलेगी।