संडे हो या मंडे, जिला अस्पताल में मरीजों को अब प्रतिदिन मैन्यू के हिसाब से नाश्ता और खाना दोनों मिलेगा। इसमें लापरवाही हुई तो कड़ी कार्रवाई की जाएगी। डाक्टरों ने यदि किसी भी मरीज को बाहर से दवा लिखी तो उनके खिलाफ भी कड़े कदम उठाए जाएंगे। यह आदेश जिलाधिकारी संजय कुमार ने दिए। उन्होंने परिसर में माकूल साफ-सफाई रखने, रंग-रोगन कराने और अस्पताल जाने वाली सड़क की मरम्मत कराने के लिए दस दिन का समय दिया और कहा कि दस दिन बाद मैं पुन: निरीक्षण करने आऊंगा, अगर इस दौरान काम अधूरा मिला तो परिणाम भुगतना होगा। वे अमर उजाला में प्रकाशित ‘संडे को नहीं लगती मरीजों को भूख’ खबर को संज्ञान में लेकर निरीक्षण करने जिला अस्पताल पहुंचे थे। उनके साथ पुलिस अधीक्षक शिवशंकर यादव भी थे।
सोमवार की सुबह करीब नौ बजे डीएम और एसपी जिला चिकित्सालय पहुंचे। यहां मेन गेट पर गंदगी देख डीएम नाराज हो गए। उन्होंने दवा वितरण और इमरजेंसी कक्ष में जाकर रोगियों को दी जाने वाली सुविधाओं के बारे में जानकारी ली। इस दौरान उन्होंनेे सीएमओ डा. अमरेंद्र बहादुर सिंह और प्रभारी सीएमएस डा. सुरेश वर्मा को तत्काल अस्पताल परिसर की सफाई कराने का निर्देश दिया। डीएम ने भूतल के अंदर की दीवार, छत की फर्श को सफेद, बिजली के खंभों को सिल्वर रंग से व अस्पताल की बाहरी दीवारों को पेंट कराने को कहा।
टूटे फर्नीचर की जगह नए फर्नीचर खरीदने और नगर पालिका प्रशासन से स्ट्रीट लाइट लगवाने का भी उन्होंने निर्देश दिया। साथ ही सदर तहसीलदार योगेंद्र सिंह और चेतक कंपनी के अधिकारी अशोक अंजाना, गोकुल चौधरी को राजमार्ग से निमार्णाधीन ट्रामा सेंटर तक तारकोल की सड़क बनवाने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि दस दिन बाद मैं पुन: अस्पताल का निरीक्षण करूंगा। उस दौरान अगर कार्य अधूरे मिले तो संबंधितों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होगी। पुलिस अधीक्षक शिव शंकर यादव ने बताया कि स्वास्थ्य कर्मियों और रोगियों की सुरक्षा के मद्देनजर अस्पताल परिसर मेें सादे पोशाक में पुलिसकर्मियों की तैनाती की जाएगी। दोनों अधिकारियों के निरीक्षण के समय एसीएमओ डा. गणेश प्रसाद, डा. के. कुमार, डा. गीता कुमार मौजूद रहीं।