राॅबर्ट्सगंज कोतवाली क्षेत्र से लापता हुए सुजीत के परिजनों की पहचान हो गई है। पुलिस जरूरी कार्रवाई में जुटी है। वह मूल रूप से शाहगंज क्षेत्र का रहने वाला है।
सुजीत यादव (13) कुछ सालों पहले राॅबर्ट्सगंज रेलवे स्टेशन से भटक कर ट्रेन के जरिए महाराष्ट्र पहुंच गया। वहां से बाद में उसे पुलिस ने हिंदी भाषी होने के कारण ट्रेन में बैठाकर बिहार भेज दिया।
तब से वे बिहार के समस्तीपुर बाल गृह में अपना जीवन गुजार रहा है। मामले में ऑल इंडिया लापता हेल्प डेस्क टीम की झारखंड इकाई ने वहां पहुंच सोनभद्र पुलिस से संपर्क साधा था।
इस मामले को अमर उजाला ने छह नवंबर के अंक में प्रमुखता से प्रकाशित किया। पुलिस भी व्हाट्सएप ग्रुपों में जानकारी लेकर पहचान में जुटी थी। बुधवार की सुबह पुलिस के विभिन्न ग्रुपों में शेयर सूचना और अखबार पढ़ने के बाद सुजीत के परिजन सदर कोतवाली पहुंचे।
सदर कोतवाल सतेंद्र राय से बेटे के बारे में जानकारी ली। लापता सुजीत के चचेरे भाई सुरेश कुमार ने बताया कि सुजीत मूल रूप से शाहगंज थाना क्षेत्र के रैपुरा का रहने वाला है।
करीब सात साल पहले वह कुछ लोगों के साथ परासी में किसी गाने की शूटिंग देखने गया था। वहीं से भटक कर महाराष्ट्र चला गया था। सदमें में पिता करीमन उर्फ कमलेश भी लकवाग्रस्त हो गए।
वह इन दिनों गुजरात रहते हैं। पुलिस ने परिजनों की बेटे से बातचीत भी कराई। छठ पूजा के बाद पुलिस और परिजन उसे लाने बिहार जाएंगे। परिजनों ने ऑल इंडिया लापता हेल्प डेस्क टीम की झारखंड इकाई के मुन्नू शर्मा का आभार जताया है।