सोनभद्र। जिले में लॉकडाउन के दौरान अब तक दो दर्जन से अधिक आत्महत्या के मामले सामने आ चुके हैं। किसी का शव जंगल में पेड़ से लटका हुआ मिला तो किसी ने तो घर में ही फांसी लगा ली। लगातार हो रही आत्महत्या की घटनाएं तमाम तरह के सवाल खड़ा कर रही है और पुलिस के लिए चुनौती बनती जा रही हैं। इस तरह बढ़ती घटनाओं को देखते हुए पुलिस अधीक्षक आशीष श्रीवास्तव ने नई पहल शुरू की है। उन्होंने आत्महत्या रोक-थाम सहायता केंद्र का गठन किया है। अवसाद ग्रस्त लोगों की मदद के लिए एसपी ने पुलिस कंट्रोल रूम का नंबर भी जारी किया है। जिले में अक्सर अवसाद से ग्रसित लोग आत्महत्या कर ले रहे हैं। कभी घरेलू विवाद, कभी किसी अन्य वजहों से डिप्रेशन में आए लोगों की घर में तो कभी जंगल में पेड़ के सहारे आत्महत्या की खबरें आती रहती हैं। पिछले दिनों अमर उजाला ने इसको प्रमुखता से प्रकाशित किया था। अवसाद से ग्रसित लोगों की आत्महत्या के मामले को पुलिस अधीक्षक आशीष श्रीवास्तव ने गंभीरता से लिया है। उन्होंने इसके लिए आत्महत्या रोकथाम सहायता केंद्र का गठन किया है। साथ ही पुलिस कंट्रोल रूम का नंबर 05444252612 सार्वजनिक किया है। कोई भी अवसाद से ग्रसित व्यक्ति इस नंबर पर बात कर अपनी समस्या बता सकता है, ताकि उसका त्वरित निस्तारण किया जा सके। एसपी आशीष ने बताया कि वे इसकी मानीटरिंग खुद करेंगे। उन्होंने बताया कि जबसे वे यहां हैं अक्सर उन्हें यह पता चला है कि लोग आत्महत्या कर रहे हैं। दुद्धी तहसील के बभनी, म्योरपुर और बीजपुर क्षेत्र में आत्महत्या की ज्यादा घटनाएं होती हैं। इस पर उन्होंने आत्महत्या रोकथाम सहायता केंद्र शुरू करने का निर्णय लिया है।