केकराही। पसही विद्युत उपकेंद्र से करीब तीन सप्ताह से अनियमित बिजली कटौती जारी है। मनमाने ढंग से हो रही विद्युत आपूर्ति को लेकर मंगलवार की सुबह विद्यार्थियों का गुस्सा फूट पड़ा। आक्रोशित विद्यार्थियों ने पसही उपकेंद्र के गेट को जाम कर विद्युत आपूर्ति बहाल करने की मांग करते हुए प्रबंधन के खिलाफ नारेबाजी की। एसडीओ समझा बुझाकर जल्द ही आपूर्ति बहाली का आश्वासन देकर जाम समाप्त कराया।
पसही उपकेंद्र गेट पर विद्यार्थियों के प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे उत्कर्ष हिन्दू, ऋषि केश का कहना है कि पिछले कई सप्ताह से बिजली की समस्या बनी है। इससे समूचे गांव में कई घंटों तक अंधेरा पसरा रहता है। ग्रामीण पानी के लिए तरस गए हैं। बिजली आपूर्ति की व्यवस्था देख रहे अधिकारियों को ग्रामीणों ने कई बार बिजली व्यवस्था ठीक करवाने व विद्युत आपूर्ति बहाल कराने के लिए अनुरोध किया। तीन सप्ताह से ज्यादा का समय बीत गया, मगर आपूर्ति में सुधार केे लिए कोई पहल नहीं किया गया। पठन-पाठन करने वाले विद्यार्थियों ने कहा कि हम लोगों की परीक्षा होने वाली है। मगर बिजली न मिलने के कारण उनकी पढ़ाई बाधित हो रही है। क्षेत्र में सिर्फ दो से चार घंटे ही बिजली मिल रही है। जिम्मेदार अधिकारी सवा दस बजे तक उपकेंद्र पर नहीं पहुंचे थे। मौके पर पहुंचे एसडीओ श्रवण कुमार ने आश्वासन दिया कि तीन दिन मेंं समयानुसार विद्युत आपूर्ति बहाल कर दी जाएगी।
लो वोल्टेज से उपभोक्ता परेशान
कोन। क्षेत्र में इन दिनों उमस भरी गर्मी और उसमें भी पिछले एक सप्ताह से अंधाधुंध बिजली कटौती होने से जनजीवन अस्त-व्यस्त है। उपभोक्ता ओमप्रकाश, संतोष गुप्ता, द्वारिका प्रसाद, जयदीप गुप्ता, आनन्द जायसवाल, व्यापार मंडल अध्यक्ष विजयशंकर जायसवाल ने बताया कि पिछले एक सप्ताह से कोन व कचनरवा सब स्टेशन से लगभग 56 गांवों मे बिजली व्यवस्था चरमरा गई है। एक घंटे में बिजली करीब 15 से 20 बार ट्रीप हो रही है। कभी भी एक घंटे तक कोन मे बिजली सप्लाई नहीं हो रही है। बिजली कर्मचारियों का कहना है कि ओवरलोड के कारण बिजली ट्रिप कर रही है या फिर जंफर जल जा रहा है। इससे बिजली सप्लाई मे बाधा उत्पन्न हो रहा है।
वहीं व्यापारियों का कहना है कि अंधाधुंध बिजली कटौती से दुकानदार समेत किसान परेशान हैं। डाला से कोन के लिए खिचीं गयी 33 हजार लाइन का तार पूरी तरह से जर्जर हो गया है। क्षेत्रवासियों ने जिला प्रशासन समेत बिजली विभाग के अधिकारियों का ध्यान इस ओर आकृष्ट कराते हुए जल निगम का अलग से कनेक्शन व जर्जर तारों को तत्काल बदलाने की मांग की। कहा कि क्षेत्र में कम से कम 18 घंटे बिजली सप्लाई की जाए। सुधार नहीं होने की दशा में आक्रोशित उपभोक्ताओं ने धरना प्रदर्शन करने की चेतावनी दी।