शक्तिनगर। कोयला उद्योग में फिर से हड़ताल का आसार बनने लगे हैं। शनिवार को श्रमिकों संगठनों के संयुक्त मोर्चा द्वारा छह सूत्री मांग पत्र कोल प्रबंधन के अफसरों को सौंप साफ कर दिया गया कि श्रमिकों की मांग पूरी नहीं हुई तो 18 अगस्त को एक दिवसीय हड़ताल होगा। ज्ञापन कोयला मंत्रालय के सचिव के नाम संबोधित है।
केंद्रीय स्तर पर पांचों महासंघ (बीएमएस, एटक, इंटक, एसएमएस ,सीटू) द्वारा लिए गए निर्णय के मुताबिक छह सूत्री मांगपत्र सौंपा गया। कोयला सचिव को संबोधित ज्ञापन एनसीएल सीएमडी व कोयला प्रोजेक्टों के महाप्रबंधकों व उनके प्रतिनिधियों को दिया गया। पत्रक के माध्यम से चेतावनी दी गई कि कामर्शियल माइनिंग के प्रस्ताव को रद्द करने के साथ कोयला उद्योग व कोल कामगारों के हितों को लेकर की गई मांग नहीं मानी गई तो18 अगस्त को एक दिवसीय हड़ताल पूरे कोल इंडिया में होगी। जिसका व्यापक प्रभाव एनसीएल में भी दिखाई देगा । महासंघ के हड़ताल की नोटिस को एनसीएल मुख्यालय सहित समस्त परियोजनाओ में कवरिंग लेटर लगाकर एनसीएल सिंगरौली के संयुक्त मोर्चा ने एनसीएल सीएमडी के माध्यम से कोयला सचिव की प्रेषित की गई। मांगपत्र देने में एनसीएल स्तर पर सभी प्रमुख संगठन के पदाधिकारी जिसमें बीएमएस से मुन्नीलाल यादव, महामंत्री पीके सिंह, इंटक से बीरेन्द्र सिंह बिष्ट, एचएमएस से मोनी मिश्रा, सीटू के प्रतिनिधि, एससीएसटी ओबीसी कौंसिल से जय बहादुर सिंह, मुख्यालय से पंकज राय, भोलानाथ भारती, बीके सिंह आदि पदाधिकारी उपस्थित रहे , इसी प्रकार से केंद्रीय महासंघ की हड़ताल की नोटिस परियोजना के महाप्रबंधकों के माध्यम से भी प्रेषित की गई। इसमें एनसीएल खड़िया में बलराम वेलवंशी, अमलोरी में डीपी दुबे, एनके सिंह, पटेल, निगाही में राकेश पांडेय, तिजू लाल, राजाराम मरावी, दिलीप पांडेय,रमन कुमार आदि सहित संगठन के कई पदाधिकारी उपस्थि रहे ।