जिले में आंधी-बारिश से काफी क्षति हुई है। शनिवार की रात आई आंधी से जिला मुख्यालय समेत आसपास के इलाकों में घंटों बिजली आपूर्ति ठप रही। कई लोगों के घरों के टीन शेड उड़ गए। बभनी क्षेत्र में आंधी से जहां 45 विद्युत खंभे टूटकर गिर गए, जिसकी वजह से 19 गांवों में 72 घंटे से बिजली आपूर्ति ठप है। यहां फिलहाल आपूर्ति बहाल होने की कोई उम्मीद नहीं है। नए खंभे मिलने के बाद ही कार्य शुरू हो सकेगा।
जिले में पिछले तीन दिन से प्रतिदिन आंधी और बारिश हो रही है। शनिवार की रात फिर आंधी आई। इससे कई लोगों के घरों के टीन शेड उड़ गए। बभनी प्रतिनिधि के अनुसार बभनी सब स्टेशन पांच एमबीए का है। इससे तीस गांवों को बिजली मिलती है। तीन दिन पूर्व आई आंधी में 45 पोल टूटकर गिर गए हैं।
जिसमें बभनी-बरवे गांव के बीच 25 पोल, बरवे-घघरी में पांच पोल, घघरा-चौना में पांच पोल, चौना-कोगा में छह पोल और बभनी-आसनडीह के बीच चार पोल गिर गए हैं। इसकी वजह से घघरी, सहगोड़ा, बकुलिया, महलपुर, मचबंधवा, धनवार, तिरकटवा, मुनगाडीह, झनकपुर, सागसोती, रनदह, चौना, कोगा, बहेराडोल, बैना, फरीपान, सागोबांध, मनरूटोला और बरवें गांवों की बिजली आपूर्ति ठप हो गई है। भाजपा बभनी मंडल अध्यक्ष त्रिभुवन सिंह खरवार, राधेश्याम पांडेय, रामेश्वर शर्मा, द्वारिका गुप्ता का कहना है कि 72 घंटे से बिजली आपूर्ति ठप है।
रामविलास, रामसूरत, ईश्वर, श्यामबिहारी, राम प्रसाद, रमाशंकर, विनोद, संजय, संदीप, सुरेश ने कहा कि अगर शीघ्र बिजली आपूर्ति बहाल नहीं होगी तो आंदोलन किया जाएगा। उधर, दुद्धी में शनिवार की रात तेज आंधी में वार्ड नंबर छह तालाब रोड में घनी आबादी वाले घरों पर हाईटेंशन तार टूट कर गिर गया। इसके गिरते ही तेज चिंगारी के साथ आग लग गई। लोगों ने इसकी सूचना विद्युत विभाग को दी। जिस पर लाइन बंद की गई।