अनपरा डी परिसर स्थित भेल के स्टोर यार्ड में लगी आग गुरुवार की पूरी रात भेल, परियेाजना अधिकारियों, प्रशासनिक अफसरों को बेचैन किए रही। एहतियातन परियोजना, भेल की टीम के साथ नायब तहसीलदार दुद्धी पवन सिंह की अगुवाई में छह अग्निशमन दस्ते पूरी रात यार्ड पर नजर बनाए रखे। शुक्रवार की सुबह तक सब कुछ ठीक मिला, तब दमकल दस्ते रवाना हुए।
एहतियातन शुक्रवार को भी दिन भर यार्ड की निगरानी बनी रही। आग कैसे लगी, कितना नुकसान हुआ, इसका आकलन दूसरे दिन भी नहीं किया जा सका है। स्थानीय स्तर पर जिम्मेदार भी इसको लेकर चुप्पी साधे हुए हैं। अलबत्ता विभागीय चर्चाओं में पचास करोड़ के करीब का नुकसान बताया जा रहा है। पुख्ता आकलन के लिए दो-तीन दिन में लखनऊ और दिल्ली से भी सर्वेयरों के टीम के पहुंचने की बात बताई जा रही है। भेल यार्ड की आग जनपद में अब तक की सबसे बड़ी आग की घटना मानी जा रही है।
इससे परियोजना के साथ ही प्रशासनिक अफसरों में भी हड़कंप की स्थिति है। भेल का ज्यादातर काम खत्म होने के कारण, दूर-दूर रखे सामानों को भी लाकर यार्ड में रख दिया गया और इन्हें दूसरी जगह ले जाने की तैयारी भी चल रही थी। उधर, भेल के अनपरा डी निर्माण प्रबंधक इं. आरके श्रीवास्तव का कहना था कि पूरी सतर्कता बरती जा रही है। आग कैसे लगी, इसका भी पता नहीं चल सका है। नुकसान कितना है, यह दिल्ली से टीम आने के बाद ही स्पष्ट हो पाएगा। उधर, भेल के स्टोर यार्ड में लगी आग ने सिर्फ जिले में ही नहीं लखनऊ में भी अफरातफरी मचा रखी थी। स्थिति यह थी कि लखनऊ से एक टीम हेलीकाप्टर में बैठ भी गई थी, लेकिन उड़ने के समय ही आग बुझने की सूचना मिल गई, इसलिए टीम वहीं रुक गई।