राबर्ट्सगंज मुख्यालय स्थित प्रसवोत्तर केंद्र में सोमवार को नसबंदी न होने पर महिलाओं का गुस्सा फूट पड़ा। नाराज महिलाओं ने स्वास्थ्य विभाग के खिलाफ नारेबाजी की। चेतावनी देते हुए कहा कि अगर व्यवस्थाओं में सुधार नहीं हुआ तो वह लोग कलेक्ट्रेट में धरना प्रदर्शन को बाध्य होंगे।
सोमवार की सुबह आठ बजे से प्रसवोत्तर केंद्र पर एक-एक करके महिलाएं पहुंचने लगीं। दोपहर 12 बजे तक डाक्टर और कर्मचारियों का कुछ पता नहीं चला। आपरेशन कब शुरू होगा यह कोई बताने वाला नहीं मिला। नाराज महिलाओं ने इसकी जानकारी सपा नेताओं को दी और विभाग के खिलाफ नारेबाजी करने लगीं।
सूचना पर प्रसवोत्तर केंद्र पर पहुंची सपा महिला जिलाध्यक्ष मंदाकिनी पांडेय और निधि पांडेय ने मोबाइल से सीएमओ को पूरे प्रकरण की जानकारी दी। साथ ही तत्काल डॉक्टर को मौके पर भेजने को कहा। बावजूद काफी देर इंतजार करने के बाद भी आपरेशन शुरू नहीं हुआ। महिलाओं का कहना था कि सोमवार, मंगलवार और बुधवार को नसबंदी के लिए बुलाया जाता है। लेकिन अक्सर महिलाओं को बगैर नसबंदी कराए वापस जाना पड़ता है।
इसकी शिकायत पूर्व में कई बार सीएमओ समेत अन्य अधिकारियों से की जा चुकी है, लेकिन समस्याएं दूर होने का नाम नहीं ले रहा है। मंदाकिनी पांडेय ने कहा कि स्वास्थ्य कर्मियों की लापरवाही की शिकायत शासन स्तर पर की जाएगी।
प्रदर्शन में रेखा, प्रभा, लक्ष्मीना, मालती, सरिता, आरती, सविता, कुसुम, मंजू आदि मौजूद रही। वहीं सीएमओ डाक्टर यूके वर्मा ने बताया कि सर्जन, डाक्टर कोर्ट में गवाही देने के लिए चले गए थे। इसलिए नसबंदी का कार्य प्रभावित हुआ है। जल्द एक टीम और नसबंदी करने के लिए बनाई जाएगी।