प्रथम अपर सत्र न्यायाधीश वीपी काण्डपाल की अदालत ने सौतेली मां की हत्या के मामले में दोषी बेटे को शनिवार को उम्रकैद की सजा सुनाई। 25 हजार रुपये जुर्माना भी लगाया। अर्थदंड न देने पर दोषी को दो साल अतिरिक्त सश्रम कारावास भुगतना होगा।
अभियोजन के मुताबिक डोड़हर गांव निवासी लक्ष्मी नारायण कुशवाहा ने बीजपुर थाने में तहरीर दी थी। इसमें उन्होंने बेटे अशोक कुमार कुशवाहा पर आरोप लगाया था कि उसने अपनी सौतेली मां फूला देवी (50) की 14 फरवरी 2014 को सुबह 9:45 बजे घर में हंसिया से हत्या कर दी। पुलिस ने अशोक के विरुद्ध केस दर्ज कर गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने विवेचना के दौरान आरोपी की निशानदेही पर हत्या में प्रयुक्त हंसिया और खून लगा कपड़ा बरामद कर लिया।
इसके बाद न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल कर दिया। अभियोजन की ओर से सात गवाह पेश किए गए। मुकदमा वादी ने भी अपने बयान में बेटे को हंसिया लेकर घर से निकलते हुए देखने की बात कही। इस मामले में अशोक को दोषी पाकर अदालत ने उम्रकैद की सजा सुनाई और 25 हजार रुपये जुर्माना लगाया। जुर्माना न देने पर दो साल अतिरिक्त सश्रम कारावास भुगतना होगा।