पन्नूगंज थाना क्षेत्र के किचार गांव के पास धरने पर बैठे ग्रामीण।स्रोत जागरूक पाठक
पन्नूगंज थाना क्षेत्र के बेलौड़ी डाक बंगले के पास बृहस्पतिवार की दोपहर पेड़ के नीचे साथी के साथ बैठने के दौरान बिजली गिरने से किशोर की मौत मामले में शुक्रवार को नया मोड़ आ गया। परिवार वालों ने ब्लॉक पीएचसी चतरा में समय पर उपचार न मिलने का आरोप लगाते हुए हंगामा किया। आरोप है कि रजिस्टर व कई कागजात फाड़ दिए गए। कार्रवाई की मांग करते हुए किचार मोड़ पर लगभग डेढ़ घंटे धरना दिया और पन्नूगंज पुलिस को तहरीर सौंपी। उधर, अस्पताल प्रबंधन ने आरोपों को गलत बताते हुए अस्पताल में हंगामा-स्टॉफ के साथ मारपीट का आरोप लगाया है।
किचार निवासी दिनेश (17) गांव के ही मयंक (15) के साथ रामगढ़ बाजार गया हुआ था। वहां से बिस्किट खरीदकर दोनों घर जा रहे थे। बेलौड़ी डाक बंगले के पास पेड़ के नीचे बैठकर दोनों बिस्किट खाने लगे। उसी दौरान गिरी बिजली ने उन्हें चपेट में ले लिया और दिनेश की मेडिकल कॉलेज ले जाते समय मौत हो गई।
मां सुकुवारी ने पुलिस को दी तहरीर में बताया है कि दोपहर एक बजे बेटे को चंद कदम की दूरी पर स्थित ब्लॉक पीएचसी पर ले जाया गया था, लेकिन वहां डॉक्टर नहीं थे। आधे घंटे बाद डॉक्टर आए तो उसे तत्काल रेफर कर दिए। मेडिकल कॉलेज पहुंचने पर उसे मृत घोषित कर दिया गया। सुकुवारी के साथ धरने पर बैठे ग्रामीणों का कहना था कि समय पर उपचार मिल गया होता तो उसकी जान बच गई होती।
रजिस्टर व कागजात फाड़े गए : सीएचसी प्रभारी
पीएचसी प्रभारी डॉ. अंकित राज सिंह का कहना है कि डॉक्टर मौके पर उपलब्ध थे। वह वैक्सीनेसन चेक करने निकले हुए थे। वापस आते ही स्थिति देख रेफर कर दिया। बावजूद इसके शुक्रवार को गलत तरीके से अस्पताल मेंं हंगामा किया गया। कुछ कर्मियों के साथ मारपीट की गई और दवाएं फेंकते हुए रजिस्टर व कागजात फाड़े गए। कहा कि शनिवार को इसकी तहरीर पुलिस को सौंपी जाएगी।
परिवार वालों ने तहरीर दी है। स्थिति से अधिकारियों को अवगत करा दिया गया है। प्रकरण की जांच कर कार्रवाई की जाएगी। - श्रीवानिवास पांडेय, प्रभारी निरीक्षक