बदले मौसम का असर सोमवार को देखने को मिला, सोमवार की रात जो कुहरा शुरू हुआ मंगलवार की सुबह पूरे क्षेत्र को अपने आगोश में ले लिया था। जिले के सुकृत से लेकर शक्तिनगर तक पूरी सड़क व क्षेत्र कुहरे में डूबा रहा।
मंगलवार को पूर्वाह्न दस बजे के करीब धूप निकलने पर लोगों को धुंध से निजात मिली। इससे पहले छाई धुंध से लोगों का जनजीवन और यातायात व्यवस्था दोनों अस्त-व्यस्त हो चली थी। धुंध से जहां वाहनों की रफ्तार थमी रही। वहीं दैनिक कामकाज को लेकर भी लोगों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा।
ठंडक भी लोगों को कंपकंपी छुड़ाए थी। मंगलवार की सुबह दस बजे जाकर सूर्य के दर्शन हुए, तब लोगों ने राहत की सांस ली।
यूं तो मौसम में परिवर्तन रविवार से ही होने लगा था। लेकिन सोमवार की शाम से ही धुंध पांव पसारना शुरू कर दिया था। इसक्रम में जैसे-जैसे रात होती गई धुंध घना होता गया। इसका परिणाम रहा कि सुकृत से लेकर ऊर्जांचल के अनपरा शक्तिनगर तक का क्षेत्र कोहरे की आगोश में हो चला।
साथ ही साथ ठंड भी बढ़ गई। सोमवार की रात आठ बजे के करीब की स्थिति यह थी कि 25 फीट दूर की चीजें नहीं दिख रही थी। इसके चलते रोज देर रात तक गुलजार रहने वाले राबर्ट्सगंज के चौराहे सोमवार की रात जल्दी की सुने हो गए। ठंड से बचने के लिए लोगों ने खुद को घरों में कैद कर लिया।
हाईवे पर भी दस से 15 किमी प्रतिघंटा की रफ्तार से वाहन रेंगते नजर आए। जबकि फोर लेन की इस सड़क पर ये वाहन 100 से 120 किमी की रफ्तार से फर्राटा भरते हैं। कुहरे की स्थिति को देख तमाम ट्रक चालक वाहनों को ढाबों या फिर बाजार के पास सड़क के किनारे खड़ा कर दिए। कमोवेश यही हाल रोडवेज के वाहनों का रहा।
इससे जहां एक से दो घंटे में तय होने वाली दूरी पूरी करने में तीन से चार घंटे पूरी की जा सकी। घना कोहरे होने के कारण सड़कों पर लगाए गए संकेतक भी जल्दी नहीं दिख पा रहे थे। स्थिति यह थी कि तमाम चारपहिया छोटे वाहनों ने बड़े वाहनों के पीछे लगकर गंतव्य की दूरी तय की, या सुरक्षित जगह देख सड़क किनारे वाहन खड़ा कर वहीं पूरी रात बिता दी।
दूसरे दिन मंगलवार को सूर्य का दर्शन होने से पूर्व तक लोग सड़कों पर अपने वाहनों की हेड लाइट जलाकर चल रहे थे। मंगलवार की सुबह सबसे ज्यादा दुश्वारियों का सामना नन्हें मुन्ने बच्चों को करना पड़ा। कड़ाके की ठंड और घने कुहरे के बीच ये स्कूल जाने को विवश हुए।
दुद्धी प्रतिनिधि के अनुसार दो तीन दिनों से मौसम बदलते ही सर्द हवाओं के साथ गलन ने दस्तक देना शुरू कर दिया है। मंगलवार को सुबह ठंड के साथ ही लोगों ने घने कोहरे के बीच आंख खोली। सुबह करीब 10 बजे तक घना कोहरा छाया रहा। वाहन चालकों ने लाइट के सहारे गाड़ियां चलाईं। स्कूली बच्चे ठंड और कोहरे के बीच स्कूल जाते देखे गए।