सोनभद्र। चकबंदी प्रक्रिया में शामिल गांवों की प्रगति जांचने शुक्रवार को विशेष सचिव व अपर आयुक्त (चकबंदी) अनुराग पटेल सोनभद्र पहुंचे। उन्होंने ग्राम खाने आजमपुर में एक गाटे का स्थलीय निरीक्षण किया। पैमाइश की रिपोर्ट गलत मिलते पर कड़ी नाराजगी जताते हुए खाने आजमपुर व ढबडवा की पैमाइश नए सिरे से करने के निर्देश दिए। ग्राम बघुआरी में स्वामित्व से जुड़े 76 वाद लंबित मिले। इस पर नाराजगी जताई।
उन्होंने कलेक्ट्रेट सभागार में बैठक कर गांवों में चकबंदी प्रक्रिया की प्रगति जानी। समीक्षा में पाया गया कि 31 ग्राम भू-चित्र के पुनरीक्षण के स्तर पर हैं। वहीं 08 ग्राम पड़ताल स्तर, दो ग्राम विनिमय अनुपात निर्धारण के स्तर, पांच ग्राम पुनरीक्षित वार्षिक रजिस्टर के निर्माण स्तर पर हैं। दो ग्राम प्रारंभिक योजना तैयार करने और दो ग्राम चकबंदी योजना के पुष्टिकरण के स्तर पर हैं। दो ग्राम कब्जा परिवर्तन स्तर और एक ग्राम अंतिम अभिलेख की तैयारी के स्तर पर विचाराधीन है। भू चित्र के पुनरीक्षण स्तर पर लंबित 31 गांवों में से मात्र 11 ग्रामों में ही काम हो रहा है। शेष 20 गांवों में कोई कार्य नहीं हुआ। इस पर नाराजगी जताते हुए अपर आयुक्त ने तेजी लाने के निर्देश दिए। पड़ताल स्तर पर लंबित आठ गांवों में हाल ही में चकबंदी लेखपाल से चकबंदी कर्ता पद पर पदोन्नत हुए कार्मिकों से पड़ताल कराने को कहा। अमोखर और बंधवा का विनिमय अनुपात एक सप्ताह में पूर्ण करने को कहा। ग्राम बघुआरी में स्वामित्व से जुड़े 76 वाद लंबित मिले। संबंधित चकबंदी अधिकारी को सचेत किया गया कि एक सप्ताह में सभी वादों को ग्राम में कैंप कर निस्तारित करें। सबसे पुराने ग्राम भैंसवार व ग्राम सुकृत में अनियमितताओं को दूर करते हुए कार्य सर्वोच्च प्राथमिकता के आधार पर पूर्ण कराने के निर्देश दिए। बैठक में डीएम बद्रीनाथ सिंह, उप संचालक चकबंदी रोहित यादव, एडीएम सहदेव कुमार मिश्र आदि मौजूद रहे।