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Sonebhadra News: सोनभद्र के छात्रों ने ढूंढ़ा पानी में फ्लोराइड की समस्या का समाधान

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फ्लोराइड सेंसर स्टार्ट अप के लिए चयनित विद्या​र्थियों के साथ इंजीनियरिंग कॉलेज के ​​शिक्षक। स्र
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चुर्क। राजकीय इंजीनियरिंग कॉलेज सोनभद्र के छात्रों ने राष्ट्रीय स्तर पर कॉलेज का नाम रोशन किया है। इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय की ओर से आयोजित डिजिटल ग्रैंड चैलेंज–चिप्स स्टार्टअप कार्यक्रम में कॉलेज की टीम एरर-404 ने देशभर की शीर्ष 30 टीमों में जगह बनाई है।
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कॉलेज के छात्र कुंदन, साक्षी, कविता, अतुल और आदित्य कीर्ति शर्मा की टीम ने जिले की सबसे गंभीर समस्या पेयजल में फ्लोराइड की अधिकता का समाधान प्रस्तुत किया।
छात्रों ने ऐसा फ्लोराइड सेंसर विकसित किया है, जो डाटा को वाई-फाई के जरिए वेबसाइट पर भेजेगा और अलर्ट सिस्टम के आधार पर तुरंत सूचना देगा। इसके लिए आगे इंटीग्रेटेड सर्किट/चिप भी बनाई जाएगी।
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कार्यक्रम के प्रथम चरण में क्विज के जरिए पूरे देश के 100 संस्थानों की टीमों का चयन हुआ, जिनमें आईआईटी, एनआईटी और ट्रिपल आईटी जैसे प्रतिष्ठित संस्थान भी शामिल थे।
दूसरे चरण में इंटरव्यू हुआ, जिसमें सोनभद्र की यह टीम शानदार प्रदर्शन करते हुए देशभर में 10वां स्थान हासिल कर ग्रैंड फाइनल तक पहुंची। टीम का मार्गदर्शन इलेक्ट्रॉनिक्स इंजीनियरिंग विभाग के असिस्टेंट प्रोफेसर प्रशांत पांडेय ने किया।
उन्होंने बताया कि चिप बनाने के लिए जरूरी बोर्ड और सुविधाएं सीटूएस की ओर से निशुल्क उपलब्ध कराई जाएंगी। मंत्रालय ने टीम के नवाचार को देखते हुए समाधान को लागू करने के लिए 1 लाख रुपये की प्रोत्साहन राशि देने की घोषणा की है।
इलेक्ट्रॉनिक्स विभागाध्यक्ष डॉ. डीके त्रिपाठी और कॉलेज निदेशक प्रो. जीएस तोमर ने छात्रों को बधाई देते हुए भरोसा जताया कि यह उपलब्धि अन्य छात्रों को भी शोध और नवाचार के लिए प्रेरित करेगी।
छात्रों की इस उपलब्धि पर विभाग के शिक्षक डॉ. हिमांशु कटियार, डॉ. अभिनव, डॉ. पीके वर्मा, सिकंदर, दीपक, परीक्षा नियंत्रक डॉ. आमोद तिवारी और कुल सचिव डॉ.आरके पटेल ने खुशी जताई।
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