अमर उजाला फाउंडेशन की ओर से आयोजित गोष्ठी में मौजूद महिलाएं।
सोनभद्र। अमर उजाला फाउंडेशन की ओर से अपराजिता सौ मीलियंस स्माइल कार्यक्रम के तहत संगोष्ठी का आयोजन मंगलवार को राबर्ट्सगंज ब्लॉक के उरमौरा गांव में हुआ। इसमें नारी गरिमा को अक्षुण्य बनाए रखने, उनकी शिक्षा, सुरक्षा समेत तमाम मुद्दों पर चर्चा हुई। महिलाओं ने कहा कि महिलाएं, छात्राएं लोकलाज के भय में उत्पीड़न की घटनाओं को छिपाये नहीं बल्कि उसकी त्वरित शिकायत करें। नारी गरिमा को अक्षुण्य बनाए रखने के लिए जागरूकता जरूरी है।
संगोष्ठी में कुसुम पाठक, पुष्पा सिंह, मंजू गिरि ने कहा कि महिलाएं हिंसा की शिकार हो रही हैं। इससे बचने के लिए महिलाओं को जागरूक होना जरूरी है। उन्होंने कहा कि महिलाएं घरेलू हिंसा की भी शिकार होती हैं। ऐसे में परिवार के लोगों को भी चाहिए कि वे महिलाओं की शिक्षा, सुरक्षा और सम्मान का विशेष तौर पर ख्याल रखें। कुमारी अंशू अग्रहरि, प्रमिला जायसवाल संगीता पाठक का कहना था कि बेटी जैसे ही विवाह कर दूसरे के घर जाती है तो वह घरेलू हिंसा की शिकार होने लगती है। सबसे बड़ी बात तो यह है कि घरेलू हिंसा में सर्वाधिक रोल महिलाओं का ही होता है। जबकि उन्हें चाहिए कि वे महिलाओं के हितों के प्रति जागरूक हों, क्यों कि वह महिलाएं भी किसी के घर की बेटी रही होंगी। नीति सिंह, सुमन दूबे, शैल चौरसिया ने कहा कि समाज में महिलाओं का खुला उत्पीड़न हो रहा है। महिलाओं की सुनवाई नहीं हो रही है। जो भी योजनाएं चलाई जा रही हैं, उससे महिलाओं को कोई हित नहीं हो रहा है।