ओबरा। केंद्र एवं राज्य सरकारों के बिजली के निजीकरण की दृष्टि से इलेक्ट्रीसिटी एक्ट 2003 में किये जा रहे प्रतिगामी संशोधनों के विरोध में व अन्य समस्याओं बिजली निगमों के एकीकरण व पुरानी पेेशन बहाली के लिए यूपी के सभी ऊर्जा निगमों के तमाम बिजली कर्मचारी, जूनियर इंजीनियर एवं अभियंता समेत देश के करीब 15 लाख बिजली कर्मचारी बुधवार को एक दिन का कार्य बहिष्कार करेंगे। विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति, ओबरा से जुड़े विभिन्न संगठनों ने इस संबंध में बैठक कर आठ जनवरी के कार्य बहिष्कार कार्यकम को सफल बनाने की रणनीति बनाई। विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति की मुख्य मांग है कि बिजली निगमों का एकीकरण कर केरल व हिमाचल प्रदेश की भांति उत्तर प्रदेश राज्व विद्युत परिषद लिमिटेड का पुनर्गठन किया जाये। बिजली के निजीकरण की दृष्टि से इलेक्ट्रिसिटी एक्ट 2003 में किये जाने वाले सभी संशोधन वापस लिये जाएं। विद्युत परिषद के विघटन के बाद बिजली निगमों में भर्ती हुए सभी कर्मचारियों व अभियंताओं के लिए पुरानी पेंशन बहाल की जाए, श्रम कानूनों में किये जा रहे सभी प्रतिगामी संशोधन वापस लिये जाए।