सोनभद्र। पन्नूगंज थाना क्षेत्र के जगदीशपुर गांव से शनिवार की देर शाम दस माह के बच्चे के अपहरण का पुलिस ने कुछ घंटे बाद ही खुलासा कर लिया। अपहर्ताओं की योजना फिरौती की रकम से अपने कर्ज की रकम अदा करने की थी। अपहृत शिशु को सकुशल बरामद करने के साथ ही तीन को गिरफ्तार कर लिया गया।
रविवार की दोपहर दो बजे राबटर्सगंज कोतवाली में गिरफ्तारी सार्वजनिक करते हुए एसपी आशीष श्रीवास्तव ने बताया कि रामगढ़ निवासी दिग्विजय ने अपनी पत्नी की बीमारी के इलाज के लिए काफी कर्ज ले रखा था। कर्जदारों का दबाव बढ़ता देख उसने अपने ससुराल दुधारी, थाना सैयदराजा चंदौली निवासी राजा गोश्वामी और राकेश सेठ के साथ मिलकर पन्नूगंज थाना क्षेत्र के जगदीशपुर गांव निवासी रामराज के दस माह के बच्चे कृष्णा के अपहरण की योजना बनाई। शनिवार को रामराज कृष्णा को अपनी पुत्री के पास घर पर रख खेत पर चले गए। देर शाम सात से साढ़े सात बजे के बीच पाकर दिग्विजय बाइक से अपने दोनों साथियों के साथ रामराज के घर पहुंचा और बच्चे को गोद में लेकर खेलाने लगा। चूंकि वह वहां पहले से जाता था इसलिए किसी ने उस पर शक नहीं किया। मौका पाकर घर से बाहर निकलकर दरवाजे पर खड़े अपने दोनों साथियों को बच्चे को दे दिया और वह बच्चे को लेकर दुधारी चले गए। पीछा करने का दिखावा करते हुए पीछे से वह भी बाइक से निकल गया। पड़ोसियों से मिली जानकारी के आधार पर कुछ घंटे बाद ही प्रभारी निरीक्षक महेंद्र कुमार पांडेय की अगुवाई वाली पुलिस टीम ने अपहर्ताओं की गिरफ्तारी करते हुए बच्चे को बरामद कर लिया।