सोनभद्र। वर्ष 2007 से 2010 के बीच मनरेगा के कार्यों में हुए करोड़ों रुपये के घोटाले की सीबीआई जांच अभी चल ही रही है कि अब तालाबों की खुदाई के नाम पर करोड़ों रुपये के बंदरबांट की शिकायत सामने आई है। शिकायतकर्ता ने 2018-19 में 1001 व 2019-20 में 5001 तालाबों की खुदाई पर सवाल उठाया है। फर्जी मस्टर रोल भरे जाने तथा पहले से खुदे तालाबों की हल्की खुदाई कराकर करोड़ों रुपये का भुगतान करा लिए जाने का आरोप लगाया है। शासन स्तर पर हुई शिकायत के बाद अपर आयुक्त मनरेगा सुरेश कुमार ने जिलाधिकारी से जांच कराकर विस्तृत रिपोर्ट मांग लिया है।
जिले में पानी के गंभीर संकट को देखते हुए जल संचयन के लिए 2018-19 में 1001 और 2019-20 में 5001 तालाबों की खुदाई कराई गई। इस कार्य के लिए तत्कालीन जिलाधिकारी व मुख्य विकास अधिकारी को राष्ट्रीय स्तर पर पुरस्कृत किया जा चुका है। लेकिन अब मनरेगा के तहत छह हजार से अधिक तालाबों की खुदाई कार्य में गड़बड़ी के आरोप लगने लगे हैं। तेंदू गांव निवासी अजय कुमार मिश्रा ने ग्राम्य विकास मंत्री को शिकायती पत्र भेजकर इन दोनों वित्तीय वर्षों में जिन तालाबों की खुदाई कराई गई है, उसमें बड़े पैमाने पर फर्जी मस्टर रोल भरे जाने और पूर्व में खुदे तालाबों की हल्की खुदाई कराकर भुगतान करा लिए जाने का आरोप लगाया है। आरोप लगाया है कि जिन तालाबों की खुदाई के कार्य में चार से पांच मजदूर ही लगे, वहां 50 से 100 मजदूरों का मस्टर रोल भर लिया गया। आरोप यह भी है कि इसकी धनराशि को संबंधित श्रमिकों के खातों में भेजकर 80 प्रतिशत रकम निकवाकर कार्य से जुड़े लोगों ने बंदरबांट कर लिया। शिकायती पत्र में कुल 80 ग्राम पंचायतों में बरती गई अनियमितता का ब्योरा व कार्यस्थल के फोटोग्राफ भी संलग्न किए गए हैं।
उधर, राज्यमंत्री ने प्रमुख सचिव ग्राम्य विकास और प्रमुख सचिव ने अपर आयुक्त मनरेगा को जांच कराकर पूरे मामले की रिपोर्ट शासन को उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं।