सोनभद्र। देश के 112 पिछड़े जनपदों में शामिल आदिवासी जनसंख्या वाले जनपद सोनभद्र की डेल्टा रैंकिंग में एक बार फिर से तेज गिरावट आ रही है। 31 मार्च को जारी फरवरी की डेल्टा रैकिंग में सोनभद्र देश का सबसे पिछड़ा जनपद माना गया है। यानी यहां की डेल्टा रैकिंग सबसे खराब है। इसी वजह से जिले को 112वीं रैंक मिली है। वहीं जिले का पड़ोसी जनपद चंदौली सुधार के साथ देश में दूसरे नंबर पर है। जिले की डेल्टा रैकिंग गिरने का प्रमुख कारण स्वास्थ्य एवं पोषण के स्कोर में गिरावट है।
करीब तीन साल पहले नीति आयोग ने देश के विभिन्न जनपदों में हुए विकास कार्यों का स्कोर निर्धारित करते हुए पिछड़े 115 जनपदों को एस्पिरेशनल डिस्ट्रिक्ट नाम दिया था। उसके बार नीति आयोग के निर्देशानुसार ही इन जनपदों में काम कराया जाने लगा। काम किस तरह हुआ, कितना सुधार हुआ इसे लेकर हर महीने नीति आयोग डेल्टा रैकिंग जारी करता है। फरवरी की जारी डेल्टा रैकिंग के अनुसार जिले को 51.9 कंपोजिट स्कोर मिला है, जो जनवरी महीने में 54.6 था। इस तरह से 2.6 से ज्यादा की गिरावट आई। यही वजह है कि जनवरी महीने की डेल्टा रैकिंग 103 से भी गिरकर 112 वहीं हो गई। पड़ोसी जनपद चंदौली की बात करें तो वहां सुधार हुआ है। वहां की रैकिंग दूसरी है।
किस विभाग की कितनी है रैंकिंग
फरवरी की डेल्टा रैकिंग के अनुसार सबसे खराब स्थिति स्वास्थ्य एवं पोषण की है। जनवरी में 67.7 कंपोजिट स्कोर था जो फरवरी में 57.8 हो गया। यही वजह है इस क्षेत्र में जिले का रैंक 112वां है। शिक्षा और बुनियादी सुविधाओं के क्षेत्र में स्थिरता है। शिक्षा का स्कोर 61.6 जनवरी में था और फरवरी में भी रहा। इस वजह से 15वीं रैंक मिली है। इसी तरह बुनियादी सुविधाओं का स्कोर दोनों महीने में 79.7 रहा है। इसकी रैंक 83वीं है। कृषि एवं जल संचयन के क्षेत्र में सुधार हुआ है। स्कोर 25.4 से बढ़कर 26.2 और रैंक सातवां हो गया है। इसी तरह वित्तीय समावेशन और कौशल विकास के क्षेत्र में भी 27.1 से 29 स्कोर हुआ, जिसकी वजह से रैंक 12वां हुआ है।
क्यों गिर रही है लगातार रैंकिंग
जिला प्रशासन से जुड़े सूत्रों की मानें तो जिले की डेल्टा रैंकिंग गिरने की सबसे बड़ी वजह स्वास्थ्य एवं पोषण है। पोषण के क्षेत्र में चार माह से बच्चों को पोषाहार नहीं मिला है। इसी तरह स्वास्थ्य के क्षेत्र में जो डाटा फीडिंग होती है उसमें अंतर होता है। सूत्र बताते हैं कि गत दिनों इसे लेकर डीएम ने नाराजगी भी जताया था। सीएमओ से सुधार के लिए भी कहा है।
स्वास्थ्य की रैंक खराब होने के कारण जिले की रैंकिंग पर असर पड़ा है। इसकी निगरानी की जा रही है। जहां से भी कमी हुई उसके लिए संबंधित अधिकारी की जिम्मेदारी तय की जाएगी। जिले की रैंकिंग में सुधार के लिए काम होगा। - अभिषेक सिंह, जिलाधिकारी, सोनभद्र।