सोनभद्र/केकराही। सदर कोतवाली क्षेत्र के महुलिया गांव निवासी इंस्पेक्टर प्रदीप सिंह (55) वर्तमान में कौशांबी जिले केे सैनी थाने के प्रभारी निरीक्षक के पद तैनात थे। मंगलवार को सरकारी आवास में प्रदीप की मौत हो गई। इसकी खबर पुलिस ने प्रदीप के परिजनों को दी तो कोहराम मच गया। परिवार के सदस्य और शुभचिंतक कौशांबी के लिए रवाना हो गए।
राबर्ट्सगंज कोतवाली क्षेत्र के महुलिया निवासी प्रदीप कुमार सिंह फरवरी 2000 में सब इंस्पेक्टर बने। सब इंस्पेक्टर के तौर पर उन्होंने पुलिस महकमे में मुरादाबाद ट्रेनिंग सेंटर में पीटीसी-2 के पद से नौकरी शुरू की। परिजनों का कहना है कि अपनी कर्तव्य निष्ठा के बल पर प्रयागराज, फतेहपुर, प्रतापगढ़, कानपुर नगर, इटावा जिले में अपने सेवाएं बखूबी निभाई। कौशांबी जनपद के सराय अकिल, पूरामुफ्ती, कोखराज थानों में ड्यूटी को पूरी ईमानदारी से निभाई। मौजूदा समय में सैनी थाने में बतौर प्रभारी निरीक्षक थे। दिवंगत प्रदीप सिंह अक्तूबर 2016 में दरोगा से इंस्पेक्टर पद पर प्रमोट हुए थे। वह काफी मिलनसार और खुश दिल रहने वाले व्यक्ति थे। प्रदीप सिंह सात भाईयों में सबसे छोटे थे। उनके दो पुत्र हैं। बड़ा बेटा प्रखर (19) जो देहरादून में बी. फार्मा की पढ़ाई कर रहे हैं। छोटा बेटा शिखर (16) अपनी माता नम्रता सिंह के साथ अपने निजी आवास धूमनगंज प्रयागराज में रहकर 11वीं की पढ़ाई कर रहा है। महुलिया में प्रदीप के भाई योगेंद्र बहादुर सिंह ने बताया कि उन लोगों को सूचना मिली कि मंगलवार की सुबह प्रदीप सिंह कमरे से बाहर नहीं निकले तो लगा कि ज्यादा थके होंगे। इसलिए तहसील दिवस में एक नायब दरोगा गए। सीओ रामबीर सिंह ने दरोगा से कोतवाल के न आने का कारण पूछा तो सही जवाब नहीं दे सका। सीओ ने प्रदीप के मोबाइल पर फोन मिलाया, लेकिन फोन भी नहीं उठा। इसके बाद सीओ कोतवाल के कमरे में पहुंच कर दरवाजा खटखटाए, लेकिन नहीं खुला। पुलिस कर्मियों ने दरवाजा तोड़कर अंदर देखा तो प्रदीप के मुंह से झाक निकल रही थी। पुलिस कर्मी उन्हें अस्पताल ले गए, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया।