सोनभद्र। इंटर की परीक्षा में सोनभद्र का प्रदर्शन पूर्वांचल के अन्य जिलों से बेहतर रहा है। कुल 86.56 प्रतिशत परिणाम के साथ सोनभद्र को प्रदेश में 12वीं रैंक मिली है। वाराणसी के बाद वह पूर्वांचल में दूसरे स्थान पर है। हालांकि पिछले वर्ष की अपेक्षा रिजल्ट में गिरावट आई है। वर्ष 2024 में 89.59 प्रतिशत परीक्षार्थी उत्तीर्ण हुए थे। तब सोनभद्र को छठवीं रैंक हासिल हुई थी।
इंटर की परीक्षा में जिले के 77 केंद्रों पर 19553 छात्र-छात्रा शामिल हुए थे। इसमें से 16925 ने सफलता हासिल की है। टॉपर की सूची में लड़कों का दबदबा रहा है। कुल 15 में से 12 नाम लड़कों के हैं। इस बार रिजल्ट की खास बात यह रही कि एडेड स्कूलों के बच्चों ने बेहतरीन प्रदर्शन किया है। जिले की मेरिट सूची के टॉप-5 में चार नाम इन्हीं विद्यालयों के विद्यार्थियों के हैं। इससे पहले एक-दो छात्र ही जगह बना पाते थे। सरस्वती विद्या मंदिर खड़िया और चंद्रगुप्त मौर्य इंटर कॉलेज के विद्यार्थियों ने लगातार इस वर्ष भी मेरिट सूची में स्थान कायम रखा है। ओबरा: यूपी बोर्ड की इंटरमीडिएट की परीक्षा में शिक्षा निकेतन इंटर कॉलेज की श्रेया ने 86.6 फीसद अंक प्राप्त कर विद्यालय में प्रथम, राम प्रकाश ने 85.6 फीसद अंक प्राप्त कर द्वितीय, नम्रता पांडेय ने 82.6 फीसद अंक प्राप्त कर तृतीय स्थान पर रहे। वाणिज्य संकाय में गोपाल तिवारी ने 79.2 फीसद अंक प्राप्त कर प्रथम, अर्जुन जायसवाल ने 77.8 अंक प्राप्त कर द्वितीय, सत्यम जायसवाल और सुहैल खान ने 74 फीसद अंक प्राप्त कर तृतीय स्थान पर रहे। मानविकी संकाय में विकलेश ने 74.4 फीसद अंक प्राप्त कर प्रथम, आरती ने 71 फीसद प्राप्त कर द्वितीय, प्रांजलि त्रिपाठी ने 64.8 फीसद अंक तृतीय स्थान पर रहे। हाईस्कूल में चंदा परवीन ने 89 प्रतिशत अंक प्राप्त कर विद्यालय में प्रथम, पूजा कुमारी ने 87.16 अंक प्राप्त कर द्वितीय स्थान पर रहे। ओबरा शिक्षा समिति शिक्षा निकेतन इंटर कॉलेज के अध्यक्ष अवधेश सिंह, प्रबंधक राकेश मिश्र, प्रधानाचार्य मुकुंद सिंह गौर, प्रवक्ता प्रमोद चौबे ने विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य की कामना की है।
-
लिखने की शैली पर रखा ध्यान, प्रश्नों को लेकर नहीं रखा कोई असमंजस
सोनभद्र। राजा शारदा महेश इंटर कॉलेज की छात्रा सोनाक्षी सिंह पटेल इंजीनियर बनना चाहती हैं। उन्होंने अपनी सफलता का श्रेय माता-पिता और अपने शिक्षकों को दिया। सोनाक्षी ने कहा कि परीक्षा में लिखने की शैली पर काफी मेहनत की। इसके लिए पहले से ही घर पर अभ्यास करती रही। फिजिक्स और मैथ के सवालों पर ज्यादा फोकस रखा, जबकि केमेस्ट्री में फार्मूले की स्पष्टता में कोई असमंजस नहीं रखा। इसका फायदा अच्छे नंबर के रूप में मिला है। बताया कि वह नियमित पढ़ाई करती थीं। परीक्षा के दौरान पूरा ध्यान तैयारी पर ही केंद्रित रखा। सोनाक्षी दो बहन और एक भाई हैं। उनके पिता राजेश सिंह पटेल डेयरी का व्यवसाय करते हैं, जबकि मां पूनम सिंह गृहिणी हैं। बेटी की सफलता के बाद परिवार गदगद है। स्कूल में उनका शिक्षकों ने उन्हें माला पहनाकर सम्मानित किया। प्रधानाचार्य डॉ. बृजेश सिंह ने बताया कि सोनाक्षी पढ़ने में हमेशा मेधावी रही है। उसकी सफलता से विद्यालय परिवार गौरवान्वित हुआ है।