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Sonbhadra Police: 48 घंटे के भीतर 22 थाना प्रभारियों को देनी होगी रिपोर्ट

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सोनभद्र। नक्सल-दुरूह क्षेत्रों में खुद की जान जोखिम में डालकर दूसरों की रक्षा करने वाले पुलिस कर्मियों को शुद्ध पेयजल, भोजन समेत अन्य सुविधाएं मुहैया कराने को लेकर पुलिस महकमा गंभीर हो गया है। एसपी आशीष श्रीवास्तव ने महिला थाना इंचार्ज को छोड़कर 22 थानाध्यक्षों को 48 घंटे के अंदर थानों एवं पुलिस चौकियों पर लगे आरओ प्लांट, जेनरेटर आदि के स्थिति की रिपोर्ट तलब की है। समय से रिपोर्ट नहीं भेजने वालों के खिलाफ कार्रवाई की बात कही है।
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बता दें कि अतिनक्सल प्रभावित जिलों में शामिल सोनभद्र से छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश, झारखंड और बिहार प्रदेश सटा है। इसी वजह से पड़ोसी राज्यों की पुलिस का दबाव पड़ने पर नक्सलियों द्वारा सीमावर्ती इलाकों में पनाह लेने की संभावना बनी रहती है। इसको देखते हुए नक्सल इलाकों के थाने और पुलिस चौकियों पर पीएसी भी तैनात है। ताकि नक्सली जिले में प्रवेश न कर सकें। इन इलाकों में तैनात पुलिस कर्मियों की सुविधा के लिए थानों और चौकियों पर आरओ प्लांट लगाए गए थे। वर्तमान में कई जगहों पर आरओ प्लांट और जेनरेटर आदि खराब पड़े हैं। वहां के इंचार्ज आरओ प्लांट की मरम्मत कराने के लिए उच्चाधिकारियों को सूचना नहीं दे रहे हैं। मामला संज्ञान में आने पर शुक्रवार की रात एसपी आशीष श्रीवास्तव ने सभी थानों के इंचार्जों के साथ वर्चुवल मीटिंग की। उन्होंने सभी से 48 घंटे के भीतर उनके थाने और पुलिस चौकियों पर लगे आरओ, जेनरेटर, बैरक भवन, मेस भवन आदि की स्थिति की रिपोर्ट मांगी है। शनिवर को थानाध्यक्ष रिपोर्ट तैयार कराने में जुटे रहे।
पुलिस अधीक्षक आशीष श्रीवास्तव ने बताया कि नक्सल इलाकों में तैनात पुलिस कर्मियों की सुविध के लिए निर्देश जारी किया गया है। सभी थाना प्रभारियों को 48 घंटे के भीतर आरओ प्लांट, जेनरेटर आदि के संबंध में रिपोर्ट मुहैया करानी होगी। निर्धारित समयसीमा के भीतर रिपोर्ट न देने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। जहां के आरओ प्लांट, जेनरेटर खराब होंगे तत्काल मरम्मत कराया जाएगा।
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